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इन दो वर्ल्ड क्लास स्टेडियम में खेले जाएंगे हॉकी वर्ल्ड कप के मुक़ाबले, जानें इनकी खासियत

भुवनेश्वर में मौजूदा कलिंग हॉकी स्टेडियम को अपग्रेड किया गया है जिसमें 15,000 लोगों की बैठने की क्षमता है। इसके अलावा एक नया हॉकी स्टेडियम 'बिरसा मुंडा इंटरनैशनल हॉकी स्टेडियम' को भी इस वर्ल्ड कप के लिए तैयार किया गया है। बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम राउरकेला में बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में 15 एकड़ भूमि पर बनाया गया है, जिसे अक्सर ओडिशा का स्टील सिटी कहा जाता है।

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hockey world cup 2023 stadium: HIF पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप का 15वां सीजन ओडिशा में महज छह दिनों में शुरू होने जा रहा है। हर बीतते दिन के साथ इसको लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है और यह लगभग सभी को दिखाई दे रही है। राज्य का हॉकी से रिश्ता कई दशक पुराना है। ओडिशा ने भारतीय टीम के लिए सौ से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं, जिनमें दिलीप टिर्की, इग्नेस टिर्की, लाजरस बारला, ज्योति सुनीता कुल्लू और सुनीता लाकड़ा शामिल हैं।

वर्तमान भारतीय पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीम में कई ओडिशा के खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें अमित रोहिदास, शिलानंद लाकड़ा, दीप ग्रेस एक्का, नीलम जेस और नमिता टोप्पो शामिल हैं। पिछले दो दशकों में, ओडिशा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में भी सक्रिय रूप से और भारी निवेश किया है, एफआईएच विश्व कप, एफआईएच मेन्स जूनियर वल्र्ड कप, एफआईएच सीरीज फाइनल, एफआईएच वल्र्ड लीग, एफआईएच चैंपियंस जैसे विभिन्न बड़े पैमाने पर बहु-राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की है। मेगा स्पोटिर्ंग कार्निवल शुरू होने से पहले, आईएएनएस आपके लिए वे स्थान लेकर आया है, जहां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ हॉकी टीमें प्रतिष्ठित ट्रॉफी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।

कलिंग स्टेडियम, भुवनेश्वर :
कलिंग स्टेडियम एफआईएच पुरुष विश्व कप 2023 के लिए दो स्थानों में से एक है। 'कलिंग' भारत के पूर्व में उसी नाम के ऐतिहासिक क्षेत्र से मिलता है, जिसमें आधुनिक ओडिशा राज्य शामिल है, जिसमें दो अन्य भारतीय राज्यों के हिस्सों के साथ: आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ है।

कलिंग हॉकी स्टेडियम सामूहिक रूप से कलिंग इंटरनेशनल स्टेडियम के रूप में संदर्भित बहुउद्देश्यीय परिसर का एक हिस्सा है, जिसमें आठ लेन का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, विभिन्न उच्च प्रदर्शन केंद्र, एक फुटबॉल स्टेडियम, ओलंपिक तैराकी सुविधा और बहुत कुछ शामिल है।

इसमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और तैराकी के संसाधन शामिल हैं। हॉकी खेलने वाले विभिन्न देशों के कई खिलाड़ी भी प्रशंसकों द्वारा बनाए गए माहौल के कारण भुवनेश्वर को हॉकी खेलने के लिए अपनी पसंदीदा जगह बताते हैं। कलिंग हॉकी स्टेडियम लगभग एक दशक से हॉकी का वैश्विक केंद्र बन गया है। स्टेडियम ने अपने पहले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी की थी, जब इसे 2014 में चैंपियंस ट्रॉफी के मेजबानी अधिकार से सम्मानित किया गया था।

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इस आयोजन की सफलता ने आगे के आयोजनों के लिए प्रेरित किया। 2017 हॉकी विश्व लीग फाइनल में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ आठ टीमें ओडिशा में खचाखच भरे दर्शकों के सामने खेलने के लिए एकत्रित हुईं थी। एक साल बाद, कलिंग स्टेडियम ने एक बार फिर प्रमुख पुरुष हॉकी टूर्नामेंट, एफआईएच हॉकी पुरुष विश्व कप, भुवनेश्वर में खेला गया।

तब से, कलिंग स्टेडियम भारतीय हॉकी टीम का घर जैसा बन गया है, जहां न केवल पुरुषों और महिलाओं की टीमें स्टेडियम में प्रशिक्षण लेती हैं, बल्कि यहीं पर उन्होंने एफआईएच हॉकी प्रो लीग के दौरान अपने घरेलू मैच भी खेले हैं। 2021 में, एफआईएच मेन्स जूनियर वल्र्ड कप भी कलिंग स्टेडियम में खेला गया था।

बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, राउरकेला :
राउरकेला का बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, एफआईएच पुरुष विश्व कप 2023 के लिए दो स्थानों में से एक है। स्टेडियम का नाम बिरसा मुंडा के नाम पर रखा गया है, जो एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और लोक नायक थे, जिन्होंने 19वीं शताब्दी के अंत में बंगाल प्रेसीडेंसी में सहस्त्राब्दि आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बना दिया।

राउरकेला ओडिशा के सबसे बड़े शहरों में से एक है, जो भारत के पहले इस्पात संयंत्रों में से एक सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए प्रसिद्ध है। इसका उद्देश्य जिले में हॉकी के बुनियादी ढांचे को एक बहुत जरूरी बढ़ावा देना है, जिससे भविष्य के सितारों के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके, जो अपने क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकें।

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बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम राउरकेला में बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में 15 एकड़ भूमि पर बनाया गया है, जिसे अक्सर ओडिशा का स्टील सिटी कहा जाता है। स्टेडियम अब 21,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाले ओडिशा के सबसे बड़े स्टेडियम के रूप में कलिंग हॉकी स्टेडियम की जगह लेगा।