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पत्रिका कीनोट सलोन में बोले अशोक ध्यानचंद- खेलों का भला चाहते हैं तो खेल संघों को राजनीति से बाहर करो

सलेक्शन कमेटी में पैसे और पावर बोलता है, ऐसे में पीछे छूट जाती है परफॉर्मेंस सिर्फ जीत में खिलाड़ी के साथ खड़े मत हो, जीत के लिए हार में भी साथ जरूरी हार में खिलाड़ियों के साथ खड़ना होना पड़ेगा तभी आगे बढ़ेंगे
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नई दिल्ली

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Prashant Kumar Jha

•

Updated: 3 May 2020, 9:54 AM IST

Ashok dhyanchand

पत्रिका कीनोट सलोन में बोले अशोक ध्यानचंद- खेलों का भला चाहते हैं तो खेल संघों को राजनीति से बाहर करो

नई दिल्ली। पत्रिका कीनोट सलोन में ओलम्पिक के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे और ओलंपिक विजेता अशोक ध्यानचंद ने कहा कि हॉकी खेल को मजबूत करने के लिए स्कूल लेवल पर बच्चों के भीतर खेल की भावना जगाना होगा। साथ ही स्कूल सिलेबस में खेल को शामिल करना होगा। आज के दौर में तकनीकी के साथ-साथ हमें खेल पर ध्यान देना होगा। बच्चों को मोबाइल और कंप्यूटर से समय निकालकर खेल के मैदान में पसीना बहाना पड़ेगा। सलेक्शन बाई च्वाइस नहीं..सलेक्शन बाई पॉरफॉर्म करना होगा।

शुक्रवार को पत्रिका कीनोट सलोन में अशोक ध्यानचंद पत्रिका समूह के पाठकों और दर्शकों के सवालों का जवाब दे रहे थे। मॉडरेशन शैलेंद्र तिवारी के साथ मृदुला शर्मा ने किया। अशोक ध्यानचंद ने कहा, हॉकी में आज जो बच्चों को सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे पहला तो खेल के भीतर राजनीतिक दखलअंदाजी बहुत ज्यादा है। अगर हॉकी को आगे बढ़ाना है तो खेल संघों को राजनीति से निकालना होगा। सलेक्शन को लेकर गंभीर होना पड़ेगा। सलेक्शन बाई च्वाइस नहीं..सलेक्शन बाई पॉरफॉर्म करना होगा। उन्होंने कहा कि सलेक्शन कमेटी में पैसे का खेल बहुत ही ज्यादा चल गया है। उसकी वजह से अच्छे खिलाड़ियों का चयन नहीं हो पा रहा है और हॉकी में हम लगातार पिछड़ते जा रहे हैं।

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हार में भी खिलाड़ी के साथ खड़े हों

जीत में हर कोई साथ होता है, सरकारों से लेकर खेल संघों तक। पैसा मिलता है, फेम मिलता है। लेकिन हार गुमनामी देती है। मैदान पर जो हारता है, उसके दर्द को समझो। एक हार कई नए खिलाड़ियों को आगे आने से रोक देती है। बेहतर हो कि हम खिलाड़ी के साथ उसकी हार में भी खड़े हों। जीतने के लिए उसे हार के वक्त आपके साथ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

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ओलंपिक 2024 जीतने के लिए टारगेट तय करना होगा

केंद्र सरकार के खेल के प्रति गंभीरता को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 ओलंपिक जीतने के लिए जो सकारात्मक रवैया दिखाया है उसे हमें बरकरार रखना होगा। हमें आज से ही टारगेट सेट करना होगा तब जाकर हम अपना गोल करने में कामयाब होंगे।