ये हैं भारत के पहले ध्वजवाहक, सिर्फ दो प्रतियोगिता में भारत ने लिया था हिस्सा

भारत को ओलंपिक इतिहास में अब तक का एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा अगस्त में होने वाले रियो ओलंपिक में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे।

pawan kumar pandey

June, 1011:30 PM

भारत को ओलंपिक इतिहास में अब तक का एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा अगस्त में होने वाले रियो ओलंपिक में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। अपना पांचवां ओलंपिक खेलने जा रहे बिंद्रा को 5 अगस्त को रियो ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के लिए भारतीय दल का ध्वजवाहक चुना गया है। इसी के साथ वे राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ के बाद भारतीय ओलंपिक दल के दूसरे निशानेबाज ध्वजवाहक बन गए है। वहीं लंदन ओलंपिक में पहलवान सुशील कुमार ध्वजावाह बने थे।



पूरमा थे भारतीय ओलंपिक दल के पहले ध्वजावाहक

एथलेटिक पूरमा बनर्जी भारतीय ओलंपिक दल के पहले ध्वजावाहक थे। उन्होंने 1920 बेल्जियम ओलंपिक में भारतीय दल की अगुवाई की थी। इस ओलंपिक में भारत ने एथलेटिक्स और पहलवानी की स्पद्र्धाओं में ही हिस्सा लिया था। जिसमें पूरमा ने 100 मी. और 400 मी. की प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया और क्रमश पांचवे व चौथे पायदान पर रहे।


मिलिए समर ओलंपिक में अब तक के भारतीय ध्वजावाहकों से


समय    खिलाड़ी    खेल


1920- पूरमा बनर्जी, एथलेटिक्स


1932-लाल शाह बुखारी, हॉकी


1936-ध्यानचंद, हॉकी


1952-बलबीर सिंह, हॉकी


1956-बलबीर सिंह, हॉकी


1964-गुरबचन सिंह रंधावा, एथलेटिक्स


1972-डेविन जॉन्स, मुक्केबाजी


1984-जाफर इकबाल, हॉकी


1988-करतार ढिल्लन सिंह, पहलवानी


1992-अब्राहम विंलसन, एथलेटिक्स


1996-परगट सिंह, हॉकी


2000-लिएंडर पेस, टेनिस


2004-अंजू जॉर्ज, एथलेटिक्स


2008-राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़, निशानेबाजी


2012-सुशील कुमार, पहलवानी


2016-अभिनव बिंद्रा, निशानेबाजी






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