
भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के डोप टेस्ट में फंसने के बाद ब्राजील के रियो डी जेनेरो में पांच अगस्त से होने वाले ओलंपिक खेलों में उनकी जगह प्रवीण राणा को भेजा जा सकता है। भारतीय दल को नरसिंह यादव के डोप टेस्ट में फंसने की वजह से बड़ा झटका लगा है। नरसिंह बुधवार को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी नाडा की अनुशासन समिति के सामने पेश होंगे।
गत वर्ष वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने के साथ ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले नरसिंह को भारतीय ओलंपिक संघ ने अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने एक बयान जारी कर कहा, 'लास वेगास में 2015 वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश को ओलंपिक कोटा दिलाने वाले नरसिंह यादव को भारतीय ओलंपिक संघ ने अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है और उन पर रियो ओलंपिक खेलों में भाग लेने से रोक लगा दी गयी है।'
बयान में कहा गया है कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने आईओए को गत सप्ताह ही इस बात की जानकारी दी थी कि नरसिंह के डोप टेस्ट में फंसने के बाद उनकी जगह किसी और पहलवान को रियो में भेजने की अनुमति दी जानी चाहिये अथवा इस वजन वर्ग में अन्य कोई भी पहलवान भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करे। आईओए ने यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग को नरसिंह की जगह किसी अन्य पहलवान को रियो भेजने की अनुमति दी थी। हालांकि प्रवीण का रियो जाना तभी संभव हो पायेगा जब नरसिंह खुद को बेगुनाह साबित नहीं कर पायेंगे।
आशंका जताई जा रही है प्रतिबंधित दवाएं लेने के आरोपी नरसिंह का पत्ता कट सकता है। हालांकि उनके पास खुद को बेगुनाह साबित करने का अंतिम मौका है जब वह अनुशासन समिति के सामने पेश होंगे। नाडा की जांच में नरसिंह के 'ए' और 'बी' दोनों नमूनों में प्रतिबंधित मेथेंडाइनोन नाम का स्टेराइड पाया गया था। नरसिंह ने खुद को बेगुनाह बताते हुये आरोप लगाया था कि उनके खाने में किसी ने साजिश के तहत यह स्टेराइड मिला दिया था।
Published on:
27 Jul 2016 11:57 am
बड़ी खबरें
View Allखेल
ट्रेंडिंग
