
भारतीय कुश्ती संघ फर्जीवाड़ा करने वाले पहलवानों पर शिंकजा कसने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, ज्यादा आयु के पहलवान आधार कार्ड में आयु कम कराकर खेलों में हिस्सा लेते हैं और पदक जीत जाते हैं। इससे सही आयु वाले पहलवानों का मनोबल टूटता है, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। भारतीय कुश्ती संघ ने इसी को ध्यान में रखकर एक नया नियम बनाया है।
इस नियम के अनुसार, जिला, राज्य और राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले पहलवानों की आयु जांच के लिए आधार कार्ड पैमाना नहीं होगा। अब पासपोर्ट के आधार पर पहलवानों की आयु जांच होगी।
पासपोर्ट नहीं तो दंगल नहीं
अब पहलवानों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पासपोर्ट साथ लाना होगा। पासपोर्ट के जरिए ही उनकी आयु की जांच होगी। पासपोर्ट साथ न लाने वाले पहलवानों को प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा। भारतीय कुश्ती संघ ने सभी प्रदेशों की कुश्ती एसोसिएशन को पत्र लिखकर नए नियम के बारे में अवगत करा दिया है। वहीं हरियाणा कुश्ती एसोसिएशन ने सभी जिला कुश्ती एसोसिएशन को नियम के बारे में अवगत करा दिया है।
दो पहलवानों ने की थी गड़बड़ी
जिला व राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में पहलवानों ने आधार कार्ड में जन्मतिथी के साथ गड़बड़ी कर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। अप्रेल 2021 में नोएडा में आयोजित की गई सब जूनियर व जूनियर नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में दो पहलवानों ने आधार कार्ड में कम आयु दर्ज करा रखी थी। आधार कार्ड में दर्ज आयु के आधार पर ही दोनों पहलवान प्रतियोगिता में खेल रहे थे। वहीं जब पहलवानों के अन्य दस्तावेज की जांच की तो पहलवानों की आयु ज्यादा थी। वहीं पानीपत में भी जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में चार पहलवान फर्जी आधार बनवाकर खेलने आए थे। हालांकि जिला कुश्ती एसोसिएशन ने उन पहलवानों को चेतावनी देकर छोड़ दिया था।
पासपोर्ट आयु जांच के लिए कारगर
जिला कुश्ती एसोसिएशन के प्रधान कर्ण सिंह पूनिया का कहना है कि पहलवानों की आयु जांच में पासपोर्ट कारगर साबित होगा। ऐसे में सभी पहलवानों को पासपोर्ट बनवा लेना चाहिए। उनका कहना है कि जिनके पास पासपोर्ट नहीं होगा, उन्हें प्रतियोगिता में भाग नहीं लेने दिया जाएगा।
Updated on:
19 Jul 2021 12:31 pm
Published on:
19 Jul 2021 12:29 pm

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