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धरने को 40 दिन पूरे, आखिर दो जिलों को जोडऩे वाली बदहाल सडक़ कब बनेगी

-टू लेन सडक़ निर्माण की मांग-रोजड़ी-रावला तक जर्जर सडक़ के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर रावलामंडी में धरने पर बैठे नागरिक

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धरने को 40 दिन पूरे, आखिर दो जिलों को जोडऩे वाली बदहाल सडक़ कब बनेगी

धरने को 40 दिन पूरे, आखिर दो जिलों को जोडऩे वाली बदहाल सडक़ कब बनेगी

घड़साना/रावलामंडी. सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते दो जिलों को जोडऩे वाली रोजड़ी-रावलामंडी तक क्षतिग्रस्त सडक़ के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर को चालीस दिन से धरना जारी है। गुरुवार को धरने में माकपा जिला सचिव शोपतराम मेघवाल भी शामिल हुए।
बीकानेर व गंगानगर जिले को जोडऩे वाली यह सडक़ 22 किमी लम्बे मार्ग पर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। चालीस दिन से चल रहे आंदोलन के तहत अब तक तीन बार वार्ता हो चुकी है। सडक़ निर्माण संघर्ष समिति के सचिव अनिल पूनिया ने बताया कि जर्जर सडक़ के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर गढ्डें की सडक़ में धान रोपने के अनूठे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। तीन मीटर चौड़ाई वाली यह सडक़ करीब चालीस साल पहले बनी थी। तब क्षेत्र में आबादी सैकड़ों में थी। वहीं सडक़ पर नाममात्र के वाहन गुजरते थे।
पूनिया ने बताया कि भारत माला सडक़ परियोजना के नेशनल हाईवे 911 से निकलने वाली सडक़ से जोडऩे की ग्रामीणों की मांग को सार्वजनिक निर्माण विभागीय अधिकारी अनसुना करते रहे है। जबकि जनप्रतिनिधि भी उदासीनता बरतते रहे है। बीकानेर एवं श्रीगंगानगर जिलों से जोडऩे के लिए रोजड़ी के हनुमान मंदिर तक करीब 22 किमी लंबी रोजड़ी-रावला सडक़ का दूसरी बार निर्माण एक डेढ़ दशक समय पूर्व कराया गया था। अब जर्जर सडक़ पर वाहन का चलना मुश्किल हो गया है। इस कारण समान्तर रास्ता निकाल कर वाहन गुजरते है। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि सडक़ की हालात इतनी खराब है कि तीन केएचएम से रिको औद्योगिक रावलामंडी तक दुपहिया वाहन से जाने में बहुत परेशानी होती है।
प्रशासन ने सडक़ चौड़ाई का प्रस्ताव नहीं दिया
संघर्ष समिति संयोजक ने बताया कि आंदोलन के तहत अब तक तीन बार वार्ता हो चुकी है। तहसीलदार के घेराव के दौरान कार्यवाहक एसडीएम राजेन्द्र ङ्क्षसह की मध्यस्था से पीडब्ल्यूडी विभाग सहायक अभियंता विजयपाल के साथ समझौता हुआ था। प्रशासन ने सात दिन में सडक़ को सात मीटर चौड़ाई में बनाने की मांग को जायज मानते हुए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया था। लेकिन प्रशासन ने उक्त प्रस्ताव अभी तकनहीं भेजा है।
आंदोलन की दिशा बदलने का निर्णय
संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सोमवार को रावलामंडी तहसीलदार को ज्ञापन देकर चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद आंदोलन का धरना प्रदर्शन तहसीलदार कार्यालय समक्ष होगा। आंदोलन के दिशा बदलने के लिए सभी संगठनों से वार्ता की जाएगी।

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