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श्रीगंगानगर.
सरूपसर से गंगानगर होते हुए हनुमानगढ़ तक लगभग पौने दो सौ किलोमीटर आमान परिवर्तन के बाद भी यात्रियों को रेलगाडिय़ों की कोई विशेष सुविधा नहीं मिल पाई है। इस मार्ग पर फिलहाल तीन पैसेंजर गाडिय़ों के अलावा दो अन्य एक्सप्रेस चल रही है। 500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च वहन करने के बाद भी रेल प्रशासन गंगानगर से बीकानेर के लिए सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर से जयपुर-कोटा एक्सप्रेस ही चला पाया है। हनुमानगढ़ से सादुलपुर तक के 174 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर फिलहाल दो पैंसेजर गाडिय़ा आ और जा रही है। श्रीगंगानगर से हनुमानगढ़ नोहर भादरा होते हुए चूरू तक कोई सीधी रेल सेवा नहीं है।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से चूरू और सीकर जाने वाले यात्रियों को सीधी ट्रेन नहीं मिलने के कारण मजबूरी में बसों से सफर करना पड़ रहा है। श्रीगंगानगर से सीकर जाने के लिए पहले सादुलपुर और फिर चूरू में ट्रेन बदलनी पड़ती है। श्रीगंगानगर से श्रीकरणपुर होते हुए सूरतगढ़ तक के यात्रियों को सुविधा के नाम पर एकमात्र सरायरोहिल्ला एक्सप्रेस मिली है। रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर केसरीसिंहपुर आदि मंडियों के लोगों को पंजाब जाने के लिए श्रीगंगानगर आना पड़ रहा है। कमोबेश यही स्थिति हनुमानगढ़-सादुलपुर ट्रैक की है। सादुलपुर-हनुमानगढ़ रेलवे ट्रैक लगभग 174 किलोमीटर लंबा है। इस ट्रैक पर फिलहाल मात्र दो ही पैंसेजर ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। इस ट्रैक पर आमान परिवर्तन का काम पूरा करने में चार साल का लंबा वक्त लगा।
हनुमानगढ़-सादुलपुर मार्ग पर लंबे समय से रेल सेवाओं में विस्तार की मांग की जाती रही है। लेकिन, आज तक लोगों की मांग को पूरा नहीं किया गया। वर्तमान सांसद की ओर से हर बार आश्वासन दिए जाते रहे मगर इन्हें पूरा नहीं किया जा सका। बठिंडा और बीकानेर में कुछ साप्ताहिक ट्रेने ऐसी है जो घंटों वहां खड़ी रहती है। इन्हें विस्तारित कर श्रीगंगानगर लाया जा सकता है। श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर अब नई वाशिंग लाइन भी काफी समय से बनकर तैयार है। बीकानेर मंडल के डीआरएम ए.के. दुबे का साफ तौर से कहना था कि रैक की कमी के कारण श्रीगंगानगर के लिए नई रेल सेवाएं संभव नहीं है। यह अलग बात है कि यहां के जनप्रतिनिधि रेलवे बोर्ड पर दबाव डालकर कोई नई रेल सेवाएं शुरू करवा लें।
केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। श्रीगंगानगर क्षेत्र का यह दुर्भाग्य है कि वर्तमान जनप्रतिनिधि इलाके को नई रेल सेवाएं मुहैय्या नहीं करवा पा रहे। मेरे कार्यकाल में आमान परिवर्तन के दो महत्त्वपूर्ण कार्य हुए थे।
भरतराम मेघवाल,
पूर्व सांसद, श्रीगंगानगर।
ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस को रेवाड़ी सादुलपुर होते हुए श्रीगंगानगर तक विस्तारित करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही शुरू होने वाले संसद के सत्र में श्रीगंगानगर के लिए नई रेल सेवाओं की मांग की जाएगी।
निहालचंद मेघवाल,
सांसद, श्रीगंगानगर।
Published on:
28 Jan 2018 07:11 pm
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