श्रीगंगानगर। करीब पांच साल पहले पुरानी आबादी में एक किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के जुर्म में अदालत ने एक जने को दोषी मानते हुए दस साल कठोर कारावास व साठ हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। पोक्सो प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट संख्या दो के स्पेशल जज अरुण कुमार अग्रवाल ने सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक नवप्रीत कौर ने बताया कि महिला पुलिस थाने में सत्रह वर्षीय किशोरी और उसकी मां ने 13 मई 2018 को मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि पुरानी आबादी कोढि़यों वाली पुली के पास शिव मंदिर क्षेत्र रहने वाले सूरज सरोता उर्फ सोहित सरोता पुत्र सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा मजबी सिख उसे जबरदस्ती अनूपगढ़ ले गया और जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। तत्कालीन सीआई नरेन्द्र पूनियां की अगुवाई में पुलिस ने जांच की तो खुलासा हुआ कि इस प्रकरण दर्ज होने से करीब एक माह पहले इस आरोपी ने पीडि़ता को शादी कराने के लिए पहले पक्का सारणा फिर अनूपगढ़ ले गया। वहां पीडि़ता की आयु संबंधित दस्तावेज नहीं होने के कारण विवाह पंजीयन नहीं करवा पाया। लेकिन शादी के लिए दबाव देकर दुष्कर्म कर लिया।
इस पीडि़ता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस बीच पीडि़ता की मां ने सेतिया पुलिस चौकी पर जाकर आरोपी सूरज सरोता पर बेटी को जबरन अपहरण करने का परिवाद दियाथा। इस पर पुलिस चौकी ने जब अनूपगढ़ से वापस आए आरोपी सूरज उर्फ सोहित को काबू कर किशोरी को दस्तायब किया। इस संबंध में मेडिकल मुआयना कराया तो दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
पुलिस ने इस आरोपी के खिलाफ 30 जून 2018 को अदालत में चालान पेश किया। अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान पीडि़ता समेत 11 गवाह और 21 दस्तावेज साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। इस पीडि़ता का पहले बाल विवाह पंजाब में हुआ था लेकिन पंचायत ने अलग अलग रहने पर निर्णय कर दिया था। यह किशोरी अपनी मां के साथ पुरानी आबादी एरिया में रहने लगी। इस दौरान वह सूरज उर्फ सोहित के संपर्क में आ गई।
अदालत ने आरोपी सूरज सरोता उर्फ सोहित सरोता पुत्र सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 363 और धारा 366 में पांच-पांच साल कठोर कारावास व पांच-पांच हजार रुपए जुर्माना, पोक्सो की धारा 5 एल और धारा 6 में दस साल कठोर कारावास व पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।