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बॉर्डर होमगार्ड का प्लाटून कमांडर दस हजार रुपए की घूस लेते गिरफ्तार

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की श्रीगंगानगर टीम ने गुरुवार को ड्यूटी लगाने के एवज में रिश्वत लेते बॉर्डर होमगार्ड के प्लाटून कमांडर को गिरफ्तार किया है।
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श्री गंगानगर

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vikas meel

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Updated: 4 Jan 2018, 8:45 PM IST

arrested accused

arrested accused

श्रीगंगानगर.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी टीम ने गुरुवार को ड्यूटी लगाने के एवज में रिश्वत लेते बॉर्डर होमगार्ड के प्लाटून कमांडर को गिरफ्तार किया है। एसीबी के एडिशनल एसपी राजेन्द्रप्रसाद ढिडारिया की अगुवाई में टीम ने कोनी गांव में यह कार्रवाई की।

बॉर्डर होमगार्ड का कार्यवाहक कमांडर काशीराम पुत्र पूर्णराम श्रीकरणपुर क्षेत्र के गांव नौ एसबी का रहने वाला है। इसके खिलाफ मोहनपुरा गांव निवासी भूपेन्द्र सिंह पुत्र नाजर सिंह ने शिकायत श्रीगंगानगर एसीबी की चौकी टीम को दी थी। भूपेन्द्र सिंह बॉर्डर होमगार्ड में स्वयंसेवक है।उसे दो महीने के लिए थर्मल पावर छबड़ा में ड्यूटी लगाने के लिए प्लाटून कमांडर ने सौदा किया था। ड्यूटी पर 25 हजार रुपए मासिक मानदेय मिला। ऐसे में पचास फीसदी मानदेय राशि देने के लिए 13 हजार रुपए मासिक के हिसाब से रिश्वत मांग ली। दो महीने में पच्चीस हजार का रुपए सौदा तय होने के बाद गुरुवार को दस हजार रुपए अग्रिम राशि की बात हुई, जिस पर काशीराम सहमत हो गया। एडिशनल एसपी ने बताया कि गांव कोनी में इस कंपनी कंमाडर को जैसे ही भूपेन्द्र सिंह ने दस हजार रुपए रिश्वत के दिए तो उसे काबू कर लिया गया। रिश्वत की राशि कमांडर की पेंट की जेब से बरामद की गई।

हर महीने करनी पड़ती है जेब गर्म
परिवादी वॉलियन्टर भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि हर महीने कंपनी कमाण्डर डयूटी पर चढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांग करता है। उसे गुहार भी की तो जितना मानदेय मिलता है उससे रिश्वत की राशि चुकाने के बाद कुछ नहीं बचता है लेकिन यह बात अनसुना होने लगी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि कंपनी कमाण्डर ने रिश्वत को अनिवार्यता बना लिया तो उसने शिकायत करने के लिए यह कदम उठा दिया। यह कंपनी कंमाडर पिछले तीन साल में प्रत्येक होमगार्ड जवान से रिश्वत के लिए बाध्य करता था।

इसलिए होती है डयूटी के लिए सिफारिश
थर्मल प्लांट छबड़ा में होमगार्ड जवान को मानदेय के रूप में पच्चीस से छब्बीस हजार रुपए मासिक मानदेय मिलता है। ऐसे में होमगार्ड जवान इस इलाके की बजाय वहां डयूटी करने के लिए कंपनी कमाण्डर से सिफारिश करवाते है। कोनी गांव में स्थित सीमा गृह रक्षा दल के बी कंपनी के कार्यवाक कंमाडर काशीराम ने वॉलियेन्टर भूपेन्द्र सिंह को दो महीने डयूटी छबड़ा थर्मल प्लांट में लगाने की सिफारिश के एवज में पच्चीस हजार रुपए की रिश्वत मांग ली। सौदे के अनुरुप जैसे ही दस हजार रुपए की राशि दी तो एसीबी की टीम ने कंपनी कमाण्डर को काबू कर लिया।

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