
श्रीगंगानगर। जिले में नशे के तौर पर इस्तेमाल हो रही प्रतिबंधित प्रीगाबालिन की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने इस काम के लिए विशेष टीम (एसआईटी) का गठन किया है, जो दवा कंपनियों से डेटा जुटाकर तस्करों तक सीधे पहुंचने की रणनीति पर काम करेगी। पुलिस की विशेष टीम प्रतिबंधित प्रीगाबालिन कैप्सूल और टेबलेट बनाने वाली कंपनियों तक जाएगी और वहां से डेटा जुटाएगी कि यह दवा किन लोगों तक पहुंची। इसके अलावा टीम यह भी पता लगाएगी कि इस अवैध कारोबार में कौन-कौन बड़े तस्कर शामिल हैं। सीओ सिटी आईपीएस विशाल जांगिड़ ने बताया कि जिले में प्रीगाबालिन की भारी मात्रा में आवक हो रही है। टीम का मुख्य ध्यान इसी सप्लाई चेन को तोड़ने और बड़े तस्करों की पहचान कर पकड़ने पर रहेगा। पुलिस की रणनीति में दवा कंपनियों और वितरकों से बिक्री के बारे में जानकारी प्राप्त करना, माल किस रास्ते से लोगों तक पहुंचता है, इसका पता लगाना, अवैध कारोबार के प्रमुख खेप को निशाना बनाना, पूरे जिले में तस्करी के नेटवर्क की जांच शामिल है। आईपीएस जांगिड़ का कहना है कि यह कदम जिले में प्रीगाबालिन के अवैध कारोबार और नशे के मामलों पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जिस आरोपी को पुरानी आबादी पुलिस ने पकड़ा उसी का आया पार्सल
कोतवाली पुलिस ने कार्गो से लगभग 24 हजार प्रतिबंधित प्रीगाबालिन कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह खेप पहले से गिरफ़्तार मुख्य आरोपी द्वारा मंगवाई गई थी। पुलिस के अनुसार पुरानी आबादी थाना पुलिस ने शुक्रवार को वार्ड नंबर 9, हाउसिंग बोर्ड के एक मकान में दबिश देकर आरोपित गुलशन कुमार के कब्जे से 33 हजार 800 प्रतिबंधित प्रीगाबालिन कैप्सूल बरामद किए थे। उसी आरोपी ने जयपुर से प्रीगाबालिन की खेप का ऑर्डर दिया था, लेकिन शुक्रवार को उसे पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। इसी वजह से शनिवार को पहुंचा कार्गो पैकेट कोतवाली पुलिस के हाथ लग गया। कोतवाली सीओ सिटी आईपीएस विशाल जांगिड़ ने बताया कि आरोपी गुलशन के खिलाफ मामले में गिरफ्तारियों की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है और शीघ्र ही उसके सहयोगियों को भी हिरासत में लिया जाएगा।
पत्नी को भी बनाया सहयोगी, कर रहा था तस्करी
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि दोषी गुलशन अकेला नहीं था। उसके साथ उसकी साथी ममता भी प्रतिबंधित दवाइयों की तस्करी व सप्लाई में शामिल पाई गई है। पुलिस ने गुलशन के मोबाइल फोन से उन सभी व्यक्तियों की सूची भी बरामद की है, जिनको यह प्रतिबंधित माल बेचा जाता था। सीओ सिटी ने बताया कि गुलशन लंबे समय से प्रीगाबालिन कैप्सूल व टैबलेट की सप्लाई कर रहा था, लेकिन पुलिस को उसकी गतिविधियों का भनक नहीं लगी थी। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है।
Published on:
21 Feb 2026 11:59 pm
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