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एक दशक बाद बरसी खुशी की मावठ

इस बार नहरों में पानी की कमी और मावठ की कमी से फसलें सूखती जा रही थी परन्तु दो दिन पहले प्रकृति किसानों पर ऐसी मेहरबान हुई कि राजस्थान से मध्यप्रदेश तक जमकर बारिश हुई। इससे पानी को तरस रही फसलों को जीवनदान मिला। पानी की कमी और कोहरा कम पडऩे से फसलों पर पाला पडऩे की आशंका थी।

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एक दशक बाद बरसी खुशी की मावठ

एक दशक बाद बरसी खुशी की मावठ

-फोटो-अब पाला नहीं पड़ा तो किसान होंगे मालामाल
-दो सिस्टम एक साथ आने से व्यापक क्षेत्र में हुई बारिश
योगेश तिवाड़ी. इस बार नहरों में पानी की कमी और मावठ की कमी से फसलें सूखती जा रही थी परन्तु दो दिन पहले प्रकृति किसानों पर ऐसी मेहरबान हुई कि राजस्थान से मध्यप्रदेश तक जमकर बारिश हुई। इससे पानी को तरस रही फसलों को जीवनदान मिला। पानी की कमी और कोहरा कम पडऩे से फसलों पर पाला पडऩे की आशंका थी। अब बारिश के साथ हल्का कोहरा भी छाने लगा है इससे फसलों को दोहरा फायदा हो रहा है।
आधिकारिक सूत्र बताते हैं 6 व 7 जनवरी 2022 को हुई बारिश ने राजस्थान में श्रीगंगानगर से जैसलमेर तक एरिया कवर किया है। पिछले एक दशक में यह पहली बार है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण इतने एरिया में और इतनी अच्छी बारिश हुई है।
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दो सिस्टम एक साथ आने से हुआ लाभ
इस बार 24 घंटे के अंतराल पर दो पश्चिमी विक्षोभ एक साथ सक्रिय होने से जनवरी के प्रथम सप्ताह में अच्छी बारिश हुई है। अमूमन इस मौसम में पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर व हिमाचल होते हुए पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान में प्रवेश करता है। यह पहले से ही पानी लिए होता है जो मामूली बारिश करके गुजर जाता है परन्तु इस बार उत्तरी पाकिस्तान से 5 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ दक्षिणी राजस्थान में प्रविष्ट हुआ। इसके पीछे-पीछे ही 24 घंटे के अंतराल पर एक और सिस्टम इसी रास्ते प्रविष्ट हो गया। दो सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) जुडऩे और अरब सागर से पानी लेने के कारण इस बार व्यापक असर रहा।
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बंपर फसल होने का अनुमान
बारिश होने से पहले जहां फसल उत्पादन को लेकर आशंका उत्पन्न होने लगी थी और किसान नहरों में पानी की मांग कर रहे थे वहीं इस अविश्वसनीय बारिश ने किसानों को निहाल कर दिया है। अब यदि कोई प्राकृतिक आपदा नहीं आती है तो फसलों को पानी की कमी नहीं सताएगी।
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इस बार दो सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) इंड्यूस(जुडऩे) होने से काफी साल बाद जनवरी में अच्छी बारिश हुई है। संभवत: ऐसा एक दशक से भी अधिक समय से नहीं हुआ है। अच्छी माठव से बंपर फसल होने का अनुमान है। इसका किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
-एम.एल रणवा, मौसम वैज्ञानिक, श्रीगंगानगर

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पन्द्रह से 20 फीसदी बढ़ जाएगा उत्पादन
यह बारिश फसलों के लिए वरदान है। इससे सभी फसलों की एक सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई है। पौधों का फुटान तेजी से होगा। सरसों-चना में अब बिना किसी अतिरिक्त सिंचाई के अच्छा उत्पादन होगा। अनुकूल परिस्थितियों के चलते 15 से 20 फीसदी उत्पादन बढऩे का अनुमान है।
-डॉ. जी.आर.मटोरिया, संयुक्त निदेशक, कृषि, श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर जिले में फसलों की बिजाईफसल--लक्ष्य--बिजाईगेहूं--2,25,000--169991जौ--60,000--45232चना--1,30,000--90,225सरसों--2,50,000--3,08,562
(बिजाई-हेक्टेयर में, स्रोत-कृषि विभाग, श्रीगंगानगर)
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जनवरी के प्रथम सप्ताह में एक दशक में हुई बारिश
वर्ष--बारिश
2022--44.8
2021--9.6
2020--18.9
2019-2.7
2018--0.0
2017--0.0

2016--0.0
2015--8.4
2014--0.4
2013--6.0
2012-2.5
(बारिश-मिमी में, स्रोत-मौसम विज्ञान केन्द्र, श्रीगंगानगर)

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