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श्रीगंगानगर।
जिले मे महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत आईएनआरएम के कार्यो की डीपीआर बनाने के लिए दिवसीय कार्यशाला का आगाज शनिवार को जिला परिषद परिसर में सांसद अटल सेवा केन्द्र सभागार में किया गया। इस दौरान जिले भर के ग्रामीण क्षेत्र में तकनीकी अधिकारियों की टीम ने भूवन पोर्टल से होने वाले कामकाज के बारे में प्रशिक्षण लिया। जिला कलक्टर ज्ञानाराम और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्राम मीणा ने इस कार्यशाला में उपस्थित तकनीकी अधिकारियों को वाटर बजट और डीपीआर बनाने के बारे में जानकारी सांझा की। सीईओ मीणा ने बताया कि इस कार्यशाला में मिशन वाटर कन्जर्वेशन के कार्य और एनआरएम 65 प्रतिशत कार्यो को प्राथमिकता से शामिल करते हुए ग्राम पंचायत वार डीपीआर बनाने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि डीपीआर तैयार करने के लिए भूवन पोर्टल के से उस ग्राम पंचायत के नक्शें, विवरण जैसे ग्राउण्ट वाटर, कैनाल डिस्ट्रीब्यूशन, सॉल्ट क्षेत्र, मारफोलोजी के विरण की कॉपी तैयार कर डीपीआर में शामिल करनी होगी। इस भूवन पोर्टल और गूगल अर्थ प्रो से किसी भी कार्य की लम्बाई, क्षेत्रफल और मिट्टी की मात्रा निकालने के लिए पूरी रिपोर्ट बन सकेगी। मनरेगा के एक्सईएन प्रेम अग्रवाल ने जयपुर में प्रशिक्षण के दौरान ली गई जानकारियों को भी सांझा किया। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों को अपडेट रहकर पूरे ग्रामीण क्षेत्र का नक्शा बनाने और फिर उसके आधार पर कार्यो की डीपीआर बनाने की बात कही।
जयपुर से आएगी टीम
सीईओ ने बताया कि इस कार्यशाला में रविवार को जयपुर से विशेषज्ञों की एक टीम आएगी। यह टीम भूवन पोर्टल के ऑपरेट से लेकर अपडेट करने के बारे में अपनी जानकारी सांझा करेगी। इसके अलावा प्रत्येक तकनीकी अधिकारी को कम्प्यूटर और लेपटॉप के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमआरएम के भविष्य में पांच साल में होने वाले सभी कार्य इस पोर्टल पर शामिल किए जाने है। इसमें अपना खेत अपना काम में डिग्गी निर्माण, खाला निर्माण, खाला पक्का करने के कार्य भी है।
Published on:
16 Dec 2017 07:25 pm
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