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श्रीगंगानगर ।
राजस्थान के श्रीगंगानगर की नगर परिषद में सफाई कर्मियों का आंदोलन अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि शुक्रवार को पार्षदों ने नया घटनाक्रम को मोड़ दिया। शहर में निर्माण कार्यो में भेदभाव किए जाने पर आयुक्त के खिलाफ लामबंद भाजपा के आठ पार्षदों ने पार्टी से इस्तीफा का सामूहिक पत्र पार्टी जिलाध्यक्ष हरीसिंह कामरा को भिजवा दिया है।
इन आठों पार्षदों का दावा है कि यह तो अभी शुरूआत है, उनके साथ और भी पार्षदों की संख्या आएगी। शुक्रवार दोपहर में इन पार्षदों ने आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आयुक्त कक्ष के समक्ष ही धरना लगा दिया। सामूहिक रूप से इस्तीफा देने वालों में वार्ड 25 से हरविन्द्र सिंह पांडे, वार्ड 26 से कर्मजीत कौर वालिया, वार्ड 12 से सतपाल राव, वार्ड 31 से प्रेम स्वामी, वार्ड 35 से बालकिशन कुलचानियां, वार्ड 20 से जश्नजीत कौर, वार्ड 46 से किशन लाल चौहान और वार्ड 44 से नाथी देवी गहलोत शामिल है।
इसलिए मजबूर हुए ये पार्षद
जिलाध्यक्ष कामरा को भेजे इस सामूहिक पत्र में इन पार्षदों का कहना था कि मार्च के अंतिम सप्ताह में जब मुख्यमंत्री इलाके के दौरे पर जिला मुख्यालय पर पहुंची थी। तब दो करोड़ रुपए के बजट से निर्माण कार्य खर्च करने का बजट देने का आश्वासन दिया गया था, यह बजट आया भी। लेकिन उनके वार्डो की अनदेखी कर आयुक्त ने अपने चेहते पार्षदों के वार्डो में यह निर्माण कार्य करवा दिया है। जान बूझकर भेदभाव किया जा रहा है, इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। इन पार्षदों के धरने को समर्थन देने के लिए पार्षद मनीराम स्वामी, माणा वालिया, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पार्षद नमीता सेठी, डा.भरतपाल मय्यर, रामगोपाल यादव आदि भी पहुंचे।
पहले भी हो चुकी है एेसी नौटंकी
पिछले साल पांच पार्षदों ने भाजपा से नाता तोडऩे की धमकी देते हुए अपने इस्तीफे जिलाध्यक्ष को भिजवाएं थे। तब जिलाध्यक्ष ने इन पार्षदों से मान मुनहार करने के लिए यूआईटी अध्यक्ष संजय महिपाल को भेजा था। लंबे दौरे की वार्ता के बाद ये पार्षद राजी हो गए लेकिन इस बार फिर से पार्षदों ने पार्टी से किनारा करने का निर्णय कर लिया है। अबकी बार वरिष्ठ पार्षद बालकिशन कुलचानियां खुद शामिल हो गए। कुलचानियां लंबे समय से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता और पार्षद है। उनका कहना था कि पार्टी के पुराने पार्षदों को तवज्जों नहीं दी जा रही है, यहां तक कि आयुक्त भी सुनवाई नहीं करती है। एेसे में किसे अपनी बात कहें। चापलूसी करने वाले पार्षदों के वाडो में बीस बीस लाख रुपए के निर्माण कार्य केवल कोटेशन से हो रहे है।
कल आऊंगा तो करूंगा बात
यह सही है कि आठ पार्षदों के इस्तीफे की सूचना टेलीफोन से मिली है। सामूहिक इस्तीफे का पत्र अभी तक नहीं मिला है। पाटी से निराशा किस बात पर हुए है, इस संबंध में पार्षदों से कल जिला मुख्यालय पर आने के बाद बात करने के बाद ही बता पाऊंगा। यदि किसी पार्षद या जनप्रतिनिधि की बात अधिकारी नहीं सुन रहे है तो हमें तो बताना चाहिए, हम अपने स्तर पर बात करेंगे।
- हरीसिंह कामरा, जिलाध्यक्ष भाजपा
Published on:
11 May 2018, 8:33 PM IST
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