श्रीगंगानगर। राइट टू हेल्थ बिल को वापस लेने की मांग को लेकर ऑल राजस्थान प्राइवेट हॉस्पिटल्स संघर्ष समिति ने फिर से आंदोलन तेज कर दिया हैं। इलाके में शुक्रवार को सुबह आठ बजे से पूरे प्रदेश में निजी अस्पतालों में चिरंजीवी व आरजीएचएस योजनाओं का बहिष्कार कर दिया। आईएमए सचिव डा. हरीश रहेजा ने बताया कि जब तक बिल वापस नहीं लेती हैं तो चिरंजीवी और आरजीएचएस योजनाओं में रोगियों को भर्ती नहीं किया जाएगा। इस कारण कैशलैस उपचार की प्रक्रिया ठप कर दी गई है। इधर, राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सीएम के नाम का ज्ञापन जिला कलक्टर सौरभ स्वामी को सौंपा। सचिव डा. हरीश रहेजा ने बताया कि इस बिल को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नागरिकों को पहले से ही चिरंजीवी योजना और आरजीएच जैसी सुविधाओं में प्राइवेट अस्पतालों में सुविधा दी जा रही है। आईएमए के अनुसार चुनावी वर्ष में वोटरों को लुभाने के लिए सरकार निजी स्वास्थ्य सेवाओं से प्रयोग कर रही हैं। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए घातक साबित होंगे। इस बिल से मात्र निजी अस्पतालों पर प्रशासन की अनावश्यक दखंलदांजी को बढ़़ावा देना है, इससे निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा। इस मौके पर आईएमए के जिलाध्यक्ष डा.सुभाष राजोतिया, डा. दीपक चौधरी, डा. आरके थरेजा आदि मौजूद थे। इधर, निजी अस्पतालों में सरकार की योजना को एकाएक बंद करने से रोगियों की होने वाली परेशानी के संबंध में सीएमएचओ डा.मनमोहन गुप्ता ने पूछा गया तो उन्होंने इस मामले में राज्य स्तर का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया।