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श्रीगंगानगर.
पंचायत समिति परिसर में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़ाने के लिए लगे शिविर में बहुत से ऐसे कार्डधारी परिवारों के लोग पहुंचे जो थोड़ी-थोड़ी कमियों के कारण वंचित रह गए।सुबह दस बजे से शिविर को लेकर पंचायत समिति क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह नजर आया। लेकिन, अव्यस्थाओं के चलते लोग वंचित हो गए। वंचित रहे लोगों का आरोप था कि जब शिविर लगाया गया है तो पंचायत समिति क्षेत्र के तहसीलदार, पटवारी, सरपंच, सचिव आदि को भी बुलाया जा सकता था। अगर ऐसा होता तो एक ही जगह सारे काम पूर्ण कराकर अधिक से अधिक पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा से जोड़े जा सकते थे।
731 परिवारों को जोड़ा
एक दिवसीय शिविर में आवेदनों की जांच कर 731 नए परिवारों को खाद्य सुरक्षा में जोड़ा गया है। वहीं, 18 आवेदकों को विभिन्न कारणों से अपात्र पाए जाने पर उनका आवेदन खारिज किया गया। शिविर में उपखंड अधिकारी यशपाल आहूजा, पंचायत समिति प्रधान पुरुषोत्तम बराड़, विकास अधिकारी गुरतेज सिंह, प्रवर्तन अधिकारी राकेश सोनी, पंचायत समिति लिपिक प्रतीक्षा उपस्थित रहीं।
अगले माह से मिलेगा राशन
उपखण्ड अधिकारी आहूजा ने बताया कि विशेष शिविर लगाया गया था। इसमें दो आस्था कार्डधारी परिवारों को भी खाद्य सुरक्षा में जोड़ा गया। जोड़े गए कार्डधारी अगले माह से राशन प्राप्त कर सकेंगे। पात्र परिवारों को जोडऩे की अधिकतम सीमा 69 प्रतिशत में अभी भी स्थान शेष है। वंचित परिवारों को जोडऩे के लिए अगला कैम्प भी शीघ्र लगाया जाएगा।
केस एक : खाद्य सुरक्षा में नाम जुड़ाने के लिए जरूरी कागजात में से हम एक ही पात्रता एक लाख रुपए से कम आय को पूरा करते हैं। हमारे आय प्रमाण पत्र पर सरपंच, वार्ड पंच के हस्ताक्षर हैं। आवेदन देने पर पटवारी की रिपोर्ट मांग रहे हैं लेकिन हमारा पटवारी जेल में है।
केस दो : खाद्य सुरक्षा का पात्र होने के लिए मनरेगा जॉब कार्ड और सौ दिन का रोजगार होने की शर्त रखी गई है। मैं जिसके साथ आया हूं वह 70 दिन का मनरेगा रोजगार कर चुका है। ऐसे में उसे सौ दिन का कैसे करवाएं। पात्र होते हुए भी खाद्य सुरक्षा में शामिल नहीं किया जा रहा।
Published on:
21 Dec 2017 08:28 pm
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