
Rajasthan Assembly Election 2023 कॅरियर बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रेरित होने तथा सफल लोगों का अनुसरण करने के उदाहरण गांवों में खूब मिल जाएंगे। इसी तरह राजस्थान में सैनिकों वाले गांव, अफसरों वाले गांव, अध्यापकों वाले गांव... के अलावा नेताओं वाले गांव भी खूब हैं। एक ही गांव के दो-दो, तीन-तीन नेता कहीं आमने-सामने तो कहीं अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी मैदान में डटे हैं।
एक-दो उदाहरण तो ऐसे भी हैं, जहां एक गांव के दो निवासी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। ध्यान रहे कि हनुमानगढ़ जिले के सीमा से लगते पड़ोसी प्रदेश हरियाणा के चौटाला गांव के तो एक ही परिवार के पांच जने विधायक हैं। इसी तरह हरियाणा में बहादुरगढ़ क्षेत्र के खरहर गांव ने भी कई सांसद व विधायक दिए। मध्यप्रदेश के मुरैना क्षेत्र के गांव नायकपुरा से अब तक छह जने विधायक बन चुके हैं।
एक ही गांव के प्रत्याशी जो आमने-सामने
भादरा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी संजीव बेनीवाल व कांग्रेस प्रत्याशी अजीत बेनीवाल गांधीबड़ी गांव के निवासी हैं।
लक्ष्मणगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी गोविंद डोटासरा एवं निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष एक ही जगह ढाणी कृपाराम के निवासी हैं।
खंडेला क्षेत्र से निर्दलीय बंशीधर खंडेला व विक्रम सिंह रुपावाली के निवासी हैं।
तिजारा से निर्दलीय उदमीराम व देवेन्द्र एक गांव बुरहेड़ा के रहने वाले हैं।
बयाना क्षेत्र से कांग्रेस के अमरसिंह, भाजपा के बच्चूसिंह बंशीवाल व निर्दलीय अजयसिंह तीनों बसई के निवासी हैं।
गंगापुर से ओमप्रकाश, पंखीलाल व हरिमोहन जीवली के रहने वाले हैं।
गांव एक क्षेत्र अलग
धोद से माकपा प्रत्याशी पेमाराम व दांतारामगढ़ से माकपा प्रत्याशी एक ही गांव मूंडवाड़ा के रहने वाले हैं।
लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुभाष महरिया एवं फतेहपुर से जेजेपी प्रत्याशी नंदकिशोर महरिया कूदन के निवासी वाले हैं।
झुंझुनूं क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी बबलू चौधरी एवं पिलानी विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी पितराम काला मूल रूप से एक ही गांव केहरपुरा कलां के रहने वाले हैं।
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Published on:
21 Nov 2023 12:15 pm
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