13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नौनिहालों ने गटकी दो बूंद जिंदगी की

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के द्वितीय चरण की शुरुआत रविवार को जिले के बूथों पर हुई।

2 min read
Google source verification
polio drop

श्रीगंगानगर.

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के द्वितीय चरण की शुरुआत रविवार को जिले के बूथों पर हुई। जिला मुख्यालय पर कलक्टर ज्ञानाराम ने अभियान की शुरुआत हुनर, शिवांस और हार्दिका राठी को दवा पिलाकर की। उन्होंने एसएसबी रोड स्थित आईटीआई कॉलेज में स्थापित बूथ पर बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल, राजकीय जिला चिकित्सालय की प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता सरदाना, उपनियंत्रक डॉ. प्रेम बजाज, शहरी क्षेत्र के प्रभारी डॉ. संजय राठी आदि मौजूद रहे।


जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि भारत पोलियो मुक्त हो चुका है लेकिन हमें अब भी सतर्कता की जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियोरोधी दवा पिलाई जाए। यदि एक भी बच्चे में पोलियो वायरस मिला तो यह गंभीर हो सकता है। उन्होंने कार्मिकों और स्वयंसेवकों सहित अधिकारियों से बेहतर मोनिटरिंग का आह्वान किया, जिससे कि कोई भी बच्चा पोलियोरोधी दवा पीने से वंचित नहीं रहे।


हाई रिस्क क्षेत्र चिन्हित
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि रविवार सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बूथों पर पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। जिले में 1200 स्थाई बूथों सहित 41 ट्रांजिट बूथ स्थापित किए गए। इसके साथ ही मोबाइल बूथ भी बनाए गए। जिले में शत प्रतिशत बच्चों को पोलियारोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की ओर से गांव व ढाणियों सहित 10 शहरी क्षेत्रों को माइक्रोप्लान में शामिल किया गया है। वहीं 412 ईंट भटï्टे और अन्य 476 हाई रिस्क क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं।


आज पिलाएंगे घर-घर जाकर दवा
इलाके में सोमवार से डोर टू डोर दवा पिलाने के लिए 2264 टीमें कार्य करेंगी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के 186, आईसीडीएस के 18, आयुर्वेद विभाग के 10 एवं अन्य विभागों के छह पर्यवेक्षक टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। शहरी क्षेत्र में 115 बूथ स्थापित पर दवा पिलाई गई। वहां 440 वैक्सीनेटर और 21 सुपरवाइजर लगाए गए। नोडल अधिकारी डॉ. संजय राठी को नियुक्त किया गया है।