
श्रीगंगानगर. पुलिस की विशेष टीम की ओर से वार्ड 58 के कांग्रेस पार्षद अक्षय डागला के रैगर मोहल्ला स्थित मकान पर छापे के दौरान मादक पदार्थों की बरामदगी के मामले में पार्षद और उसके पिता हिस्ट्रीशीटर मुरारीलाल डागला उर्फ काला लट्टू उर्फ कालिया लट्टू को गिरफ़्तार किया था। इस मामले में इन दोनों को बुधवार को जांच अधिकारी सेतिया पुलिस चौकी प्रभारी पवन शर्मा ने अदालत में पेश किया। इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में पूछताछ के लिए रिमांड मांगा। इस पर अदालत ने इन दोनों को 29 अप्रेल तक पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश किए। जांच अधिकारी शर्मा ने बताया कि इस मामले में पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में तीसरा आरोपी पार्षद का सगा भाई ईशू डागला भी है लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इधर, मीरा चौकी प्रभारी एसआइ रामविलास बिश्नोई ने बताया कि मादक पदार्थो की आपूर्ति करने में ईशू डागला की अहम भूमिका है। इस आरोपी को जांच के दायरे में शामिल किया गया है। अब इस मामले की जांच सेतिया पुलिस चौकी कर रही है। जांच अधिकारी शर्मा के अनुसार पूछताछ में पार्षद के भाई की भूमिका पाए जाने पर उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
लंबे समय से चल रहा था सट्टे का खेल
जवाहरनगर थाना क्षेत्र में डागला के पर्ची सट्टेबाजी कारोबार के खेल की जानकारी पुलिस को भी थी लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की। पार्षद बनने के बाद तो पुलिस इस इलाके में सट़टेबाजों पर अंकुश तक नहीं लगा पाई। लेकिन अतिरिक्त महानिदेशक एमएन दिनेश के निर्देशन में प्रशिक्षु आइपीएस रमेश कुमार की अगुवाई में गठित पुलिस टीम ने हिस्ट्रीशीटर मुरारीलाल डागला उर्फ काला लट्टू के यहां रैगर मोहल्ला स्थित मकान पर छापे की कार्रवाई की। छापे के दौरान हिस्ट्रीशीटर मुरारीलाल डागला व उसके पार्षद पुत्र अक्षय डागला के यहां से पुलिस ने 3.5 किलोग्राम गांजा, 108 ग्राम अफीम व नशा बिक्री की 2.90 लाख रुपए की नकदी बरामद और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
तो सकता है पार्षद निलम्बित
इधर, पार्षद अक्षय डागला की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली है। पार्षद के न्यायिक अभिरक्षा में होने के संबंध में नगर परिषद बोर्ड की ओर से सूचना भिजवाने पर स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पार्षद को निलम्बित कर सकते हैं। लेकिन डागला कांग्रेसी पार्षद है, ऐसे में नगर परिषद बोर्ड भी कांग्रेस का है। वहीं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण पार्षद डागला को निलम्बित किए जाने की प्रक्रिया अटक सकती है। विदित रहे कि पिछले नगर परिषद बोर्ड में रिश्वत लेने के मामले में तत्कालीन पार्षद लता चौधरी और उसके पति को एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया था। लेकिन नगर परिषद बोर्ड ने तत्कालीन पार्षद चौधरी के निलम्बन करने की अनुशंसा नहीं की। अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने से एसीबी टीम अदालत में चालान तक पेश नहीं कर पाई।
Updated on:
27 Apr 2023 03:12 pm
Published on:
27 Apr 2023 03:10 pm
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