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भटनेर को नहीं बना सके स्मार्ट सिटी

मोदी सरकार ने देश भर में वाहवाही बटोरने के लिए प्रदेश के 29 शहरों को 'अमृत' बनाने के लिए अमृत योजना शुरू की।
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 4 May 2018, 8:07 AM IST

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हनुमानगढ़.

मोदी सरकार ने देश भर में वाहवाही बटोरने के लिए प्रदेश के 29 शहरों को 'अमृत' बनाने के लिए अमृत योजना शुरू की। इसके तहत अरबों रुपए देने की घोषणा की थी। इस योजना में हनुमानगढ़ को भी शामिल किया। यहां की निकाय को 90 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई थी। इस राशि को स्वीकृत कराने के लिए डीपीआर तैयार कर अमृत योजना की बैठकों में अधिकारियों के समक्ष रखी गई। इस पर सरकार ने 90 करोड़ की राशि देने पर सहमति जताते हुए अपनी पीठ थपथपाई।

लेकिन हालात बिलकुल विपरीत हैं। अभी तक इस राशि में केवल दस करोड़ की राशि ही जारी की गई है। 80 करोड़ की राशि कब तक मिलेगी, इस पर न तो नगरपरिषद अधिकारी बोल रहे हैं और न ही सरकार ने राशि देने की कोई डेडलाइन जारी की है। इस राशि से इसमें 40 करोड़ की लागत से टाउन व जंक्शन में मल्टीलेवल पार्किंग के साथ 24 नई सीटी बस, फुटपाथ व अन्य निर्माण कार्यों पर खर्च करने की योजना है।

मल्टीस्टोरी पार्किंग तो दूर परिषद की नप क्षेत्र में अस्थाई पार्किंग तक की सुविधा नहीं है। इसके अलावा दस करोड़ की राशि से शहर के सभी पार्कों का कायाकल्प। सीवरेज कार्य से संबंधित दस करोड़ रुपए व तीस करोड़ रुपए टाउन व जंक्शन के ड्रेनेज सिस्टम सुधार के लिए मिलना प्रस्तावित है।


अभी तक यह मिली राशि
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार अभी अमृत योजना की राशि में से छह करोड़ 78 लाख की राशि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व ढाई करोड़ की राशि डिस्ट्रिक्ट पार्क के लिए मिल चुकी है। जबकि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण अमृत योजना के आने से पहले से ही शुरू हो चुका था। यह राशि हुडको से बतौर ऋण के तौर पर मिलनी थी। यह योजना सिरे नहीं चढ़ी तो अमृत योजना में इसे शामिल किया गया। इसी तरह जंक्शन अबोहर बाइपास पर स्थित डीटीओ ऑफिस के पास डिस्ट्रिक्ट पार्क के लिए ढाई करोड़ की राशि स्वीकृत मिली चुकी है। फिलहाल पार्क निर्माणधीन है।


अमृत योजना में विकास कार्यों पर खर्च होने वाली राशि में से 50 प्रतिशत की राशि केन्द्र सरकार, 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार व 20 बीस प्रतिशत की राशि नगरपरिषद को वहन करनी होगी।
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