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ISI Sleeper Cell Network: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की भारत विरोधी घिनौनी साजिशों का एक और बड़ा और खतरनाक चेहरा सामने आया है। सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील राजस्थान के सीमावर्ती जिलों श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में पाकिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल नेटवर्क ने देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने इन दोनों जिलों में सोशल मीडिया के माध्यम से भट्टी से जुड़े युवकों की गिरफ्तारी की है जो उसके लिए दोनों जिलों के महत्वपूर्ण ठिकानों से संबंधित जानकारी और वीडियो उस तक पहुंचा रहे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान में बैठा अंडरवर्ल्ड डॉन और आतंकी शहजाद भट्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप) के जरिए सीमावर्ती इलाकों के युवाओं से संपर्क साध रहा है। हाल ही में इन दोनों जिलों से पकड़े गए युवाओं से की गई पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती इलाके में हेरोइन और हथियारों की खेप भेजने में भट्टी का हाथ होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन केंद्रीय एजेंसी एनआइए ने भट्टी के नार्को टेरर नेटवर्क संचालित करने और उसके मॉड्यूल के ड्रोन के जरिए हेरोइन, विस्फोटक और हथियार भारत में पहुंचाने की साजिश में शामिल होने की पुष्टि की है।
पकड़े गए युवा स्थानीय पुलिस थानों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों के वीडियो, तस्वीरें और जीपीएस लोकेशन सीधे पाकिस्तान भेज रहे थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, शहजाद भट्टी इन स्लीपर सेल्स के जरिए सीमावर्ती थानों पर ग्रेनेड हमले और बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था, ताकि इलाके में दहशत का माहौल बनाया जा सके।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय भारत-पाक सीमा के करीब हैं। यह पूरा बेल्ट सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की गतिविधियों के लिहाज से रणनीतिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में यदि स्थानीय स्तर पर आतंकियों के मददगार (स्लीपर सेल) तैयार होते हैं, तो यह सीधे तौर पर सेना के मूवमेंट और देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने जैसा है।
खुफिया सूत्रों का मानना है कि आइएसआइ अब सीधे आतंकियों को भेजने की बजाय भारत में सक्रिय गैंगस्टर्स और स्थानीय अपराधियों का सहारा ले रही है। शहजाद भट्टी जैसे चेहरे, जो एक तरफ अंडरवर्ल्ड और गैंगवार में लिप्त हैं, वहीं दूसरी तरफ आइएसआइ के इशारे पर भारत विरोधी टेरर नेटवर्क चला रहे हैं। पिस्तौल और हथियारों के साथ पकड़े जा रहे इन स्थानीय लड़कों का इस्तेमाल देश के भीतर ही हथियारों और आरडीएक्स की डिलीवरी के लिए भी किया जा रहा था।
इन दोनों जिलों में लगातार हुई गिरफ्तारियों के बाद एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स, इंटेलिजेंस और स्थानीय साइबर सेल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं। पुलिस सीमावर्ती गांवों में सोशल मीडिया एक्टिविटी पर पैनी नजर रख रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने आमजन और युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध विदेशी नंबर या अज्ञात हैंडल से आने वाले प्रलोभनों का शिकार न बनें और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
Updated on:
29 Jun 2026 10:13 am
Published on:
29 Jun 2026 10:13 am
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