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श्रीगंगानगर.
शहर के चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इसका उद्देश्य होता है कि महापुरुषों के विचार प्रेरणादायक होते हैं। आते-जाते उनकी प्रतिमाओं के दर्शन कर उन्हें नमन कर उनके विचार हम आत्मसात करते हैंं। इसी तर्ज पर सड़क हादसों में कमी लाने के लिए श्रीगंगानगर पुलिस नया प्रयोग करने जा रही है। शहर के मुख्य चौराहों पर दुर्घटनाग्रस्त वाहन रखे जाएंगे। इसके पीछे पुलिस का तर्क है कि ऐसे वाहनों की हालत देखकर लोगों में जागरुकता आएगी और वे सबक लेंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। वाहन चलाते समय वाहन चालक सड़क हादसों की भयावहता से अंजान रहता है। यातायात नियमों की पालना ना करना, नशा कर वाहन चलाना और ओवर कॉन्फिडेंस सड़क हादसों के मुख्य कारणों में शामिल हैं। चौराहों पर रखे दुर्घटनाग्रस्त वाहन हादसों की भयावहता बयां करेंगे। साथ ही पुलिस की ओर से जागरुकता अभियान के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। वहीं हाइवे सहित अन्य मार्गों पर दुर्घटनाओं को दिखाते हुए बोर्ड लगाए जाएंगे।
यातायात प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि सोमवार को पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र कुमार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने शहर व जिले में यातायात व्यवस्था में सुधार, सड़क हादसे रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाए जाने, सड़क दुर्घटनाओं में कमीलाने के लिए हाइवे सहित अन्य मार्गों पर बोर्ड लगाने, स्लोगन लिखने आदि पर चर्चा हुई। इसके अलावा जागरुकता के लिए शहर के मुख्य चौराहों पर दुर्घटनाग्रस्त वाहन रखने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा यातायात व्यवस्था में सुधार कर हादसों में कमी लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की तलाश शुरू
चौराहों व मुख्य स्थानों पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को एक संदेश के रूप में रखने व उन पर स्लोगन लगाने के लिए यातायात पुलिस ने ऐसे वाहनों की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस कबाडिय़ों व बीमा कंपनियों से संपर्क कर दुर्घटनाग्रस्त वाहन खरीदने के लिए तलाश कर रही है।
सड़क हादसों में कमी लाना जरुरी
- सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसे रोकने व मौतों में कमी लाने के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस व संस्थाओं की ओर से चलाए अभियानों व सतर्कता के चलते इस साल सड़क हादसों में कुछ कमी दर्ज की गई है। वहीं मौतों का आंकड़ा भी कुछ कम हुआ है।
दस माह में मृतकों की संख्या कम
वर्ष 2017 में अक्टूबर माह तक सड़क हादसों में मरने वाले व्यक्तियों की संख्या वर्ष 2016 के मुकाबले 11 कम रही है, जो पुलिस विभाग के लिए अच्छी बात है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की ओर से ओवरस्पीड, नाकाबंदी, नशे में वाहन चलाने वालों पर हुई कार्रवाई और पुलिस की सख्ती के चलते हादसों में पिछले साल की तुलना में कुछ कमी आई है।
इनका कहना है
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एसपी ऑफिस में यातायात प्रभारी व कॉर्मिकों की बैठक ली है। इसमें हादसे रोकने के लिए बोर्ड लगवाने, साइन बोर्ड, यातायात व्यवस्था में सुधार करने सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। जल्द ही इसको लेकर काम शुरू कर दिया जाएगा।
सुरेन्द्र सिंह राठौड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर।
Published on:
11 Dec 2017 09:47 pm
