
BA student arrest
Big cyber hacker caught in Rajasthan: राजस्थान के गंगानगर जिले से बड़ी खबर है। साइबर अपराध के नाम पर पुलिस ने बीए सेकंड ईयर में पढ़ने वाले एक छात्र को पकड़ा, उसका फोन जब साइबर पुलिस ने चैक किया तो तुंरत अफसरों को सूचना दी। उसके बाद उसके घर की तलाशी ली गई, वहां से जो सामान मिला उसने एसपी तक को दंग कर दिया। उसे अरेस्ट कर लिया गया है। आज उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी है। गंगानगर जिले की श्री करणपुर पुलिस ने यह एक्शन लिया है।
करणपुर पुलिस ने बताया कि अरेस्ट किया गया छात्र अमित पुत्र नसीबचंद, गांव 49 एफ का रहने वाला है। उसके पिता दुबई में काम करते हैं। वह घर से ही पढ़ाई कर रहा है। घर पर अक्सर मोबाइल फोन में ऑन लाइन गेमिंग के कारण उसे इंटरनेट की लत लग गई। गेम खेल खेलकर बोर हुआ तो डार्क वेब में जाने की तैयारी कर ली और वहां पर छोटी मोटी साइट हैक करने लगा। हैकिंग में मजा आने लगा तो इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए हैकिंग के बारे में और सीखने लगा और उसके बाद तो उसने डाटा चोरी कर बेचना तक शुरू कर दिया।
करणपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया, उसे सबसे बड़ा हैकर बनना था। वो इस डेटा को क्रिप्टो के बदले बेच रहा था। पुलिस को इसके पास 4500 जीबी स्टोरेज डाटा, 5 लाख आधार कार्ड, भारत का सिटीजन डेटा समेत 4 देशों की मिलिट्री का संवेदनशील डेटा भी मिला है। करणपुर पुलिस के अलावा अब चर्चा है कि सुरक्षा एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर सकती है। उसे शनिवार देर रात अरेस्ट किया गया है। दिल्ली से आई आईबी टीम के अफसर भी उससे पूछताछ करने की तैयारी में हैं।
प्रारंभिक जानकारी मेंं सामने आया कि डार्क वेब के माध्यम से लगभग 5 लाख आधार कार्डों, आर्मी तथा विभिन्न देशों का लगभग 4500 जीबी डेटा हासिल कर लिया। इसके जरिए अब तक उसके करीब एक लाख 11 हजार रुपए का लेनदेन करने का पता लगा है। आरोपी के पास तीन मोबाइल फोन, एक लेपटॉप, एक कम्प्यूटर, दो पेन ड्राइव, पांच हार्ड ***** और कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है। अब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और पुलिस मिलकर इसका एनालिसिस करेगी। आरोपी से 23700 रुपए नकदी मिली है। आरोपी से पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियां अभी पूछताछ कर रही हैं। साइबर जांच में जब भारत सरकार से जुड़े आधार कार्ड डाटा, पेन कार्ड डाटा, भारतीय महेंद्रा कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूएसए सिटीजन, यूक्रेन, मणिपुर पुलिस, यूएसए आर्मी आदि का डाटा डेस्कटॉप पर मिला तो पुलिस ने जांच की और आरोपी गिरफ्त में आया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसके पास से इतना डेटा मिला है कि उसकी जांच के लिए ही पुलिस को तीन से चार महीने का समय लगने वाला है।
Published on:
25 Feb 2024 11:47 am
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