
सीबीआई अफसर बनकर बुजुर्ग महिला और उसके पति को मोबाइल कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ पांच लाख रुपए ठगने के मामले में साइबर पुलिस मुख्य आरोपी व उसके साथी को सोनीपत से गिरफ्तार कर लाई है। साइबर ठगी की राशि मुख्य आरोपी के खाते में जमा हुई थी। साइबर पुलिस इससे पहले इस गैंग के तीन शातिरों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने बताया कि साइबर टीम ने हरियाणा के सोनीपत से साइबर ठगी के मुख्य आरोपी पीयुष व उसके साथी इशान बघेल को गिरफ्तार किया है। बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे गए 1 करोड़ 5 लाख रुपए पीयुष के खाते में जमा हुए थे। बाद में इस राशि का बंटवारा हो गया। मुख्य आरोपी अब तक पांच करोड़ की ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ पांच राज्यों में साइबर ठगी के दस मामले दर्ज हैं। मुख्य आरोपी और उसके साथी भोपाल के रहने वाले हैं।
पुलिस ने बताया कि 69 वर्षीय जसविन्द्र कौर पत्नी सोहन सिंह ने 16 नवम्बर 24 को मामले की रिपोर्ट साइबर थाने में दर्ज करवाई थी। इसमें बताया कि उनका एक बेटा हरप्रीत सिंह कनाडा और दूसरा पवनदीप सिंह आस्ट्रेलिया रहता है। तीन साल पहले दंपती ने 32 बीघा जमीन बेची थी। 15 नवम्बर 2024 को एक अज्ञात कॉलर ने खुद को दिल्ली में सीबीआई अधिकारी बताते हुए परिचय दिया। उसने धमकाया कि बैँक खातों में फर्जी तरीके से काफी राशि जमा हुई हैं। फंडिंग राशि जमा करने के संबंध में सीबीआई की ओर से केस दर्ज किया जा रहा है।
बुजुर्ग दंपती ने बताया कि पहली बार आई कॉल में करीब दस मिनट और दूसरी कॉल में करीब चालीस मिनट का समय लगाया। अज्ञात कॉलर ने बातचीत के दौरान बुजुर्ग महिला से परिवार के सदस्यों की पूरी डिटेल मांग ली। बाद में फर्जी सीबीआई अधिकारी ने बुजुर्ग दंपती को धमकी दी कि अभी सेटलमेंट नहीं किया तो गिरफ्तार करने के लिए आएंगे। अगले दिन इस कॉलर ने एक बैंक खाता भी दिया यह खाता भोपाल के शाहपुरा के बैँक का था। बुजुर्ग दंपती ने इस खाते में 1 करोड़ 5 लाख 59 हजार 960 रुपए जमा करवाए। बाद में ठगी का अहसास होने पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया।
Published on:
30 Dec 2024 02:33 pm
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