श्रीगंगानगर. राइट टू हेल्थ बिल को वापस लेने की मांग पर ऑल राजस्थान प्राइवेट हॉस्पिटल्स संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन 14 वें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। वहीं आइएमए की ओर से आंदोलन को तेज करने के लिए दुपहिया और साइकिल निकाली गई। प्राइवेट डॉक्टर्स, नर्सिग स्टाफ, दवा दुकानदार और अन्य लोग भी इस रैली में शामिल हुए। सुखाडि़या मार्ग से यह रैली भारत माता चौक तक, वहां से यह रैली पायल थियेटर रोड, नेहरू पार्क, एच ब्लॉक डिग्गी, मटका चौक, कोतवाली रोड, गांधी चौक, अम्बेडकर चौक, स्वामी दयानंद मार्ग, रवीन्द्र पथ से राधेश्याम रोड से होती हुई वापस सुखाडि़या मार्ग पर आई। इस दौरान युवा चिकित्सकों ने बाइक की बजाय साइकिलों पर सवार होकर राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ नारेबाजी की। इस रैली का कई जगह स्वागत भी किया गया। इस रैली के दौरान डा. दीपक आनंद, डा. भरतपाल मय्यर, डा. आदित्य पेड़ीवाल, डा. राकेश आदि मौजूद थे।
इससे पहले सुखाड़िया मार्ग पर स्थित एक हॉस्पिटल के बाहर लगाए गए धरने पर दूसरे दिन पांच चिकित्सक क्रमिक अनशन पर बैठे। इसमें आइएमए के पूर्व जिला सचिव डा. भूपेन्द्र भूतना,डा.दीपक गर्ग, दिव्या गर्ग, डा. गौरव कालड़ा, डा.नीरज गोस्वामी और डा. अनिकेतन लीला को माला पहनाकर क्रमिक अनशन पर बैठाया। इस दौरान हुई में वक्ताओं का कहना था कि राइट टू हेल्थ बिल डॉक्टर्स और रोगियों के लिए अव्यवहारिक हैं। इस बिल के माध्यम से उपचार की बजाय प्राइवेट अस्पतालों में झगड़े अधिक होंगे। डॉक्टर्स समुदाय का कहना था कि अपने बलबूते पर प्राइवेट अस्पतालों में सीमित संसाधनों से चुनिंदा रोगियों का उपचार किया जा रहा है लेकिन सरकार इसे भी कानून के दायरे मेें लाकर छीनने का प्रयास कर रही हैं। इससे आम आदमी को जरूरत पड़ने पर गुणवत्तापूर्ण उपचार नहीं मिल पाएगा।
इस बीच राजकीय जिला चिकित्सालय में शुक्रवार को ओपीडी की नियमित सेवाएं शुरू होने से रोगियों को राहत मिली। अकेले एक ही दिन शुक्रवार को सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपीडी में दो हजार दो रोगियों ने अपना उपचार करवाया। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने ओपीडी को दो घंटे का बहिष्कार का प्रस्ताव वापस ले लिया हैं, इस कारण जिला चिकित्सालय में रोगियों को उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। पीएमओ डा. केएस कामरा ने बताया कि जिला चिकित्सालय में रोगियों के भर्ती होने का सिलसिला शुक्रवार को भी नहीं थमा। पीएमओ के अनुसार जिला चिकित्सालय में बैड की क्षमता 370 हैं जबकि करीब साढ़े चार सौ रोगी भर्ती हो चुके हैं। 93 नए रोगी भर्ती हुए।