
ड्रग माफिया पंजाब के बाद राजस्थान के बॉर्डर एरिया में नेटवर्क स्थापित करने में लगे
श्रीगंगानगर. सीमा पार पाकिस्तान से नशे की तस्करी करने वाला पंजाब का ड्रग माफिया आखिरकार राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में अपना नेटवर्क स्थापित करने में जुटा हुआ है। जालंधर में पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़े तस्कर गिरोह में श्रीकरणपुर क्षेत्र के सीमावर्ती गांव 19ओ और दलपतसिंहपुरा के दो जनों का शामिल होना इसकी पुष्टि करता है।
पंजाब पुलिस की गिरफ्त में आए तस्कर गिरोह से 11.745 किलोग्राम हेरोइन और 19.25 लाख नकदी बरामद हुई है। पाकिस्तान से इस गिरोह को 20 किलोग्राम हेरोइन की खेप मिली थी। इसमें से 9 किलोग्राम हेरोइन पंजाब में बिक चुकी है, जबकि 745 ग्राम हेरोइन, 8 लाख रुपए और 0.30 प्वाइंट की विदेशी पिस्तौल इस गिरोह में शामिल सीमावर्ती गांव 19ओ के बलकारसिंह उर्फ बिल्लूू से बरामद हुई है।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पंजाब फ्रंटियर में चलाए गए सघन अभियान के बाद वहां के सीमावर्ती जिलों फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर और गुरुदासपुर में सक्रिय ड्रग माफिया ने राजस्थान के पड़ोसी जिले श्रीगंगानगर में नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी थी। सीमा सुरक्षा बल और पुलिस के संयुक्त अभियान में पहली बार 2013 में सीमावर्ती गांव हिन्दुमलकोट के एक खेत में सीमा पार से आई हेरोइन की खेप मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हुई।
लेकिन पंजाब के ड्रग माफिया ने अपना नेटवर्क स्थापित करने का काम जारी रखा। वर्ष 2013 के बाद सीमा सुरक्षा बल ने सीमापार से आई हेरोइन की कई खेप पकड़ी और पंजाब के तस्करों को भी गिरफ्तार किया। लेकिन स्थानीय नेटवर्क की बात सामने नहीं आई।
यह पहला मौका है जब पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़े तस्कर गैंग में शामिल दो जने बलकारसिंह उर्फ बिल्लू और जगमोहनसिंह उर्फ जग्गू श्रीगंगानगर जिले की श्रीकरणपुर तहसील के सीमावर्ती गांव 19 ओ तथा दलपतसिंहपुरा के हैं। इनकी कृषि भूमि भारत-पाक अन्तरराष्ट्रीय सीमा के पास भारतीय क्षेत्र में की गई तारबन्दी के समीप है।
पंजाब के तस्करों ने इसीलिए इन दोनों को अपने स्थानीय नेटवर्क में शामिल किया। सीमापार पाकिस्तान के तस्करों ने इन्हीं के खेत में हेरोइन की खेप तारबन्दी के ऊपर से डाली थी। सीमा सुरक्षा बल की सीमा चौकी माझीवाला में तैनात कांस्टेबल को इन्हीं दोनों ने लालच देकर तस्करी में सहयोगी बनाया था।
पंजाब ड्रग माफिया की दस्तक, डिलीवरी पॉइंट तलाशे
- पंजाब में बीएसएफ की सख्ती के बाद वहां के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय ड्रग माफिया ने पाकिस्तानी तस्करों से सम्पर्क कर पड़ोसी राज्य राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में डिलीवरी पॉइंट तलाशने लगे। दोनों तरफ के तस्करों ने तब श्रीगंगानगर और श्रीकरणपुर से सटी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा को ही सही माना।
इसकी मुख्य वजह यही थी कि यह इलाका पंजाब के नजदीक होने से नशे की खेप को पंजाब ले जाने में आसानी रहती और सीमा क्षेत्र में रह रहे अपराधी तत्वों से नशे की खेप की डिलीवरी लेने में मदद ली जा सकती थी।
बॉर्डर पर हुई प्रमुख घटनाएं
- 22 अक्टूबर 2011 को बीएसएफ ने मदेरां के पास पंजाब के कुख्यात भोलू गैंग के तस्कर निशान सिंह उर्फ सोनू को पकड़ा था, इनका एक साथी फरारर हो गया था। सोनू ने खुलासा किया था कि सह पाकिस्तानी तस्करों से हेरोइन की डिलीवरी लेने के लिए आया था।
- 23 जनवरी 2012 में बीएसएफ ने खखां सीमा चौकी क्षेत्र में एक खेत में सीमा पार से फेंकी गई 18 किलोग्राम हेरोइन की खेप बरामद की थी। डिलीवरी लेने आया पंजाब का तस्कर वहां से फरार हो गया था।
- 23 फरवरी 2012 हिन्दुमलकोट में बीएसएफ ने खेत में सीमा पार से फेंकी गई छह किलोग्राम हेरोइन बरामद की। डिलीवरी लेने आए तस्कर पंजाब नंबर की दो बाइक छोडकऱ भाग गए।
- 3 अक्टूबर 2013 को बीएसएफ व एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में हिन्दुमलकोट इलाके में उग्रवादी संगठन के कमांडर व उसके दो साथियों को पकड़ा था। पूछताछ में इन्होंने हेरोइन की तस्करी के सिलसिले में आना स्वीकार किया था।
- 2 मार्च 2017 को गजसिंहपुर क्षेत्र में सीमा से सटे गांव पांच एफडी के पास दो पैकेट मिले थे। बीएसएफ व पुलिस ने सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इसको ड्रग माफिया की रैकी माना।
8 सितंबर 2020 को रायसिंहनगर इलाके में भारत-पाक सीमा पर ख्यालीवाला बॉर्डर पर रात को बीएसएफ से हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी तस्कर मारे गए थे। इनके पास से आठ किलोग्राम हेरोइन, दो पिस्तौल, 28 कारतूस, नाइट विजन डिवाइस, करेंसी, रियाल मुद्रा, चाकू आदि बरामद किए गए थे।
Published on:
21 Nov 2020 10:01 pm
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