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Video: नशे में तेज ऑटो चलाकर बच्चों की जान जोखिम में डाली, धीरे चलाने की कहने पर कर दी पिटाई

शहर की पुरानी आबादी इलाके में स्थित एक निजी स्कूल के ऑटो चालक ने नशे में बच्चों से मारपीट की ओर से तेज चलाकर उनकी जान जोखिम में डाली।

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नशे में तेज ऑटो चलाकर बच्चों की जान जोखिम में डाली,

श्रीगंगानगर.

शहर की पुरानी आबादी इलाके में स्थित एक निजी स्कूल के ऑटो चालक ने नशे में बच्चों से मारपीट की ओर से तेज चलाकर उनकी जान जोखिम में डाली। बच्चों की ओर से ऑटो धीरे चलाने की कहने पर चालक ने उनकी पिटाई कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने ऑटो को सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। रामदेव कॉलोनी तीन पुली निवासी बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके बच्चे पुरानी आबादी स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। सोमवार को छुट्टी होने पर ऑटो वाला स्कूल से यहां के करीब एक दर्जन बच्चों को घर ला रहा था।

नशे में चालक ने ऑटो को तेज गति से चलाया, जिससे बच्चे डर गए और उसे धीरे चलाने के लिए कहा। बच्चों की ओर से ऑटो धीरे चलाने की कहने पर उसने बच्चों से मारीपट कर दी। यहां तक बालिकाओं की चोटी पकडक़र चुप रहने को कहा। तीन पुली के पास कुछ बच्चे बैग छोडक़र उतर गए और घर जाकर परिजनों को मामले की जानकारी दी। इस पर वहां बच्चों के परिजन आ गए और ऑटो वाले को रोक लिया। इस मामले की जानकारी स्कूल वालों को दी गई लेकिन दो घंटे तक वहां कोई नहीं पहुंचा।

लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ऑटो व चालक को थाने ले आई। जहां बच्चों की शिकायत के बाद ऑटो को सीज कर दिया गया है। वहीं चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। परिजनों की ओर से थाने में ऑटो वाले के खिलाफ शिकायत दी है। परिजनों ने बताया कि इस संबंध में स्कूल वालों से बातचीत चल रही है।

स्कूल वालों ने नहीं दिया ध्यान

बच्चों के परिजनों ने बताया कि ऑटो स्कूल वालों ने लगा रखा है। कॉलोनी के करीब पंद्रह बच्चे इस ऑटो में स्कूल जाते हैं। सोमवार को छुट्टी होने पर स्कूल के किसी भी कर्मचारी ने यह ध्यान नहीं दिया कि ऑटो वाला नशे में है और बच्चों को कैसे उनके घर तक ले जा पाएगा। यदि स्कूल वाले ध्यान देते तो यह मामला नहीं होता। परिजनों ने बताया कि एेसी स्थिति में स्कूल वालों को बच्चों को ऑटो में बैठाने की बजाय परिजनों को सूचना देनी थी, जिससे वे अपने बच्चों को घर ले जाते। ऑटो वाले के नशे में होने से कोई घटना भी हो सकती थी।


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