
dust storm
- यूआईटी और सीवर ठेका कंपनी की मनमानी से आमजन परेशान
श्रीगंगानगर.
सीवर प्रभावित एरिया में सड़कों पर उड़ रही धूल लोगों के लिए परेशानी बन गई है। सरस्वती नगर, राज्य कर्मचारी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, शंकर कॉलोनी, गणपतिनगर, पूजा कॉलोनी, बाबादीप सिंह कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर ठेका कंपनी की मनमर्जी इतनी हावी हो गई है कि यहां धूल के गुबार अब इलाकेवासियों को बीमारियां देने लगे हैं। रही कही कसर सड़कों के अमानक निर्माण ने पूरी कर दी है। सड़कों पर गड्ढे और उड़ रही धूल प्रत्येक वर्ग के लिए परेशानी का सबब बन गई है। इस प्रदूषण से दमा और अस्थमा के मरीज अधिक परेशानी में है।
प्रदूषण मापने का यंत्र नहीं
प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रक अधिनियम के अनुसार 24 घंटे में धूल के अधिकतम 100 कण पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन ) से अधिक नहीं होना चाहिए। धूल के कण का भार 10 माईक्रेन से अधिक नहीं होना चाहिए लेकिन शहर में जिस प्रकार से धूल उड़ रही है वह इस मानक से काफी अधिक है। जिला स्तर पर प्रदूषण नापने के लिए कोई सुविधा उपलब्ध न होने से प्रदूषण की मात्रा की जानकारी नहीं लग पाती।
आंखों के रोगी अधिक
चिकित्सक डा.सीमा राजवंशी का कहना है कि चिकित्सालय में प्रतिदिन जितने मरीज आते है अधिकांश रोगियों की आंखों में एलर्जी से संंबंधित होते है। इस रोग का एक कारण शहर से उड़ रही धूल है। धूल के कारण आंखों के अलावा और भी कई प्रकार की बीमारियां हो रही है। लोगों को धूल से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
Published on:
14 Apr 2018 07:54 pm

बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
