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श्रीगंगानगर में सीजीआर मॉल के मालिक अमन चौधरी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

- पीएनबी बैंक में करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में घर व दुकानों पर चल रहा सर्वे

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श्रीगंगानगर. हनुमानगढ़ रोड पर सीजीआर मॉल के मालिक और पंजाब नेशनल बैँक से करोड़ों रुपए के डिफाल्टर रहे अमन चौधरी के कई ठिकानो पर जयपुर से आई प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने एक साथ कई जगह दबिश देकर सर्वे किया। इस व्यवसायी के नई धानमंडी ​िस्थत आढ़त की दुकान, हनुमानगढ़ रोड पर नाथांवाला गांव के पास सीजीआर कॉलोनी, जवाहरनगरसैक्टर तीन ​िस्थत आवास पर ईडी टीमो ने पंजाब पुलिस के साथ दबिश देकर जांच की। वहीं इस व्यवसायी के नजदीकी पुरानी आबादी निवासी नंदू उर्फ नरेन्द्र सैनी के पुरानी आबादी आवास को भी ईडी टीम ने घेर लिया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे एक साथ पहुंची इन टीमों ने अलग अलग जगहों पर जांच की प्रक्रिया अपनाई। पंजाब पुलिस भी इस टीम के साथ आई है। ईडी की यह टीम जयपुर की है। इस व्यवसायी के ​खिलाफसीजीआर मॉल के निर्माण के अलावा कृ​षिजिन्सों की खरीद में पंजाब नेशनल बैँक से करोड़ों रुपए उधार लिए और उधारी रकम चुकाई नहीं। ऐसे में बैँक ने सीजीआर मॉल का अस्सी प्रतिशत हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया। ईडी अ​धिकारियों ने अ​धिकृत रूप से नहीं बताया लेकिन इतना जरुर बताया कि अमन चौधरी बैँक से डिफाल्टर होने के बाद पंजाब में नई कंपनी बनाकर गेहूं, सरसों और जौ की खरीद कर रहा है और इसे वेयर हाउस में जमा कर रहा है। इस व्यवसायी ने सीजीआरकोलेटरल मैनेजमेंट लिमिटेड के माध्यम से वेयर हाउस में कृ​षिजिन्सों का स्टॉक रखने और इस स्टॉक के एवज में बैंक से करोडों रुपए ऋण के रूप में उधारी रकम हड़पने के आरोप है। ये मामले श्रीगंगानगर, बीकानेर, चंडीगढ़, जयपुर और जबलपुर में विचाराधीन है। कुछ अर्से पहले व्यवसायी अमन चोधरी को मध्यप्रदेश की जबलपुर की सीबीआइ ने चंंडीगढ़ से काबू किया था। इस व्यवसायी पर आरोप था कि उसने यूको बैंक के अधिकारी के साथ सांठगांठ कर बैंक को 18.53 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। जाली वेयरहाउस रसीदें जारी करने और ऐसी जाली वेयरहाउस रसीदों के आधार पर ऋण प्राप्त किया। जाली वेयरहाउस रसीदों के बिल पर ऐसा ऋण नहीं लिया जा सकता था।

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पीएनबी ने सीबीआई में कराया था यह मामला
पांच साल पहले पीएनबी बीकानेर के वरिष्ठ प्रबंधक चन्द्र कांत व्यास ने केंद्रीय जांच ब्यूरो में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें संजय बंसल मालिक मेसर्स संजय ट्रेडिंग कंपनी, बीकानेर; मेसर्स यूनिवर्सल कोलेटरल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों, कर्मचारियों और अधिकारियों; विवेक रेड्डी माली (निदेशक, यूनिवर्सल कोलेटरल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड); शंभू दयाल दर्जी (पूर्व निदेशक, यूनिवर्सल कोलेटरल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड); नरिंदर (निदेशक, यूनिवर्सल कोलेटरल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड); मेसर्स सीजीआरकोलेटरल मैनेजमेंट लिमिटेड के निदेशक, कर्मचारी और अधिकारी; अमनदीप (निदेशक, सीजीआरकोलेटरल मैनेजमेंट लिमिटेड); सरोज (निदेशक, सीजीआरकोलेटरल मैनेजमेंट लिमिटेड); सुनील कुमार डूडी (निदेशक, सीजीआरकोलैटरल मैनेजमेंट लिमिटेड); रमेश चंद्र (निदेशक, सीजीआरकोलैटरल मैनेजमेंट लिमिटेड); करण जाखड़ (निदेशक, सीजीआरकोलैटरल मैनेजमेंट लिमिटेड) और अन्य अज्ञात को शामिल किया था। इसमें करोड़ों रुपए बैँक से उधारी लेकर ऋण नहीं चुकाया।