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अनूपगढ़.
तहसील क्षेत्र के गांव पतरोड़ा में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की अनूपगढ़ शाखा की पी. (फोगनवाली ) वितरिका में दो एच.मोघे से एक बीघा आगे 12 पी. हैड पर नहर में कटाव आ गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस नहर में रविवार सुबह लगभग आठ बजे लम्बी बंदी के बाद पानी पहुंचा था, लेकिन करीबन सवा दस बजे नहर की पटरी में दरार आने से पानी लीकेज होने लगा जो कुछ ही मिनटों में चार फीट बड़ा हो गया। नहर टूटने की सूचना आसपास के किसानों को मिलते ही दर्जनों किसान कस्सियां लेकर मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान बनारसीदास अध्यापक, प्रविन्द्र ङ्क्षसह, रामचन्द्र बारूपाल, हीराराम सोखल, स्वर्ण ङ्क्षसह तथा राजू बसेर सहित अन्य किसानों ने नहर में आए कटाव को बांधने में सहयोग प्रदान किया। किसानों ने बातचीत के दौरान बताया कि नहर में पानी मात्रा कम होने से बचाव हो गया नहीं तो यह कटाव बड़ा होकर आसपास के खेतों की भूमि जलमग्न कर परेशानी पैदा कर सकता था। दूसरी ओर दोपहर करीब 12 बजे गिरदावर सुनील सेतिया, सहायक अभियंता विपीन कुमार, बेलदार बूट्टा ङ्क्षसह मौके पर पहुंचे तथा जी.से.बी. मशीन मंगवाकर टूटी नहर के पट्टरे को मजबूत करवाया।
किसानों ने अपने स्तर पर की बरोर माईनर की साफ-सफाई
अनूपगढ़. क्षेत्र में बरोर माइनर के किसानों ने कार सेवा करते हुए बरोर माइनर की सिल्ट निकालकर सफाई करवाई। इस अवसर पर जल उपयोक्ता संगम 69 जी.बी. के अध्यक्ष त्रिलोचन ङ्क्षसह व जल उपयोक्ता संगम 61 जी.बी. के अलावा राजू सैनी, हरपाल ढिल्लों, भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष जसवंत ङ्क्षसह चंदी, महेन्द्र ङ्क्षसह राठौड़, पूर्ण राम तथा जयराम सहित अन्य किसानों ने सहयोग किया। इन किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि माइनर की साफ-सफाई के लिए ङ्क्षसचाई विभाग को बार-बार अवगत करवाया गया, इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं की। इससे किसानों ने मजबूर होकर अपने स्तर पर ही नहर की सफाई करने का निर्णय लिया तथा जे.सी.बी. मशीन लगाकर नहर से सिल्ट के साथ-साथ झाड़-झखाड़ निकालकर इस नहर से ङ्क्षसचाई के लिए लिए जाने वाले पानी की सही मात्रा प्रत्येक किसान के पास अंतिम छोर तक पहुंचाने का कार्य किया।
Published on:
27 May 2018 09:44 pm
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