8 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भगवान को भी पसंद नहीं अहंकार, दमन के लिए लेते हैं अवतार

श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का बखान, गोवर्धन प्रसंग में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
less than 1 minute read
Google source verification
भगवान को भी पसंद नहीं अहंकार, दमन के लिए लेते हैं अवतार

श्रीकरणपुर. बाबा सोमप्रकाश कुटिया में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पूजा-अर्चना करते संतजन व श्रद्धालु। -पत्रिका

श्रीकरणपुर. जीवन में मनुष्य को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। यह व्यक्ति के सभी सद्गुणों को चौपट कर देता है। यहां तक कि भगवान भी अहंकार को पंसद नहीं करते और इसके दमन के लिए वे स्वयं अवतरित होते हैं। कथावाचक अमरावती नंदन पवन उपमन्यु ने यह बात रविवार को बाबा सोमप्रकाश कुटिया में जारी संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में कही।

उदासीन बड़ा अखाड़ा डेरा बाबा मंडाला (कालांवाली) के महंत देवा दास व स्थानीय कुटिया के महंत वासुदेव दास के सानिध्य में पूजा-अर्चना से शुरू हुई कथा में भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी, पूतना वध, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन पर्वत व अन्य बाल लीलाओं का बखान किया गया। पूतना वध के प्रसंग में कथावाचक ने बताया कि भगवान से अधिक दयालु कोई भी नहीं है। यही कारण है कि भगवान ने पूतना को मां की गति प्रदान की। वहीं, गिरिराज गोर्वधन के प्रसंग में बताया कि इंद्र का अंहकार तोडऩे के लिए श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अपनी अंगुली पर उठाकर बृजवासियों की रक्षा की। कथावाचक ने मोरे गोवर्धन महाराज थारे माथे मुकुट बिराज रहयो सहित अन्य कई भक्ति रचनाएं सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भगवान को छप्पन भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। सेवादार रॉकी अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार तक कथा होगी। अगले दिन हवन-यज्ञ के साथ पूर्णाहुति दी जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग