
inauguration
हनुमानगढ़.
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने क्वालिटी मार्क के लिए गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ का चयन किया है। पूरे राजस्थान में हनुमानगढ़ डेयरी क्वालिटी मार्क के लिए तय मानकों पर खरी उतरी है। इसकी घोषणा शनिवार को स्ट्रा डेंसिफिकेशन प्लांट (पशु आहार केन्द्र) के उद्घाटन समारोह में पहुंचे एनडीडीबी के अध्यक्ष दलीप रथ ने की। उन्होंने बताया कि क्वालिटी मार्क के लिए मानक तय किए जाते हैं। मानक पूरा करने वाली डेयरी को ही क्वालिटी मार्क का प्रमाण पत्र दिया जाता है।
एनडीडीबी के अध्यक्ष ने बताया कि हनुमानगढ़ डेयरी में स्थापित किया गया स्ट्रा डेंसिफिकेशन प्लांट (पशु आहार केन्द्र) जरूरत के अनुसार डिजाइन किया गया है। इस प्रकार का प्लांट पूरे भारत में अब तक कहीं स्थापित नहीं हुआ है। इस केन्द्र के शुभारंभ से जहां पशुपालकों को सस्ती दर पर पौष्टिक आहार मिलेगा, वहीं क्षेत्र के किसान अपनी फसल के अवशेष यहां बेचकर लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि डेयरी विकास बोर्ड पशुपालकों की लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस व प्रशासन को मिलावटी घी व दूध बेचने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। मिलावटी घी व दूध की जानकारी मिलने पर मन व्यथित हो जाता है, क्योंकि यह हर व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। डेयरी के एमडी पीके गोयल व परियोजना अधिकारी डॉ. अरुण गुप्ता ने प्लांट की विस्तृत जानकारी दी। अध्यक्ष जसवीरसिंह सहारण ने डेयरी की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए आभार जताया। इससे पूर्व एनडीडीबी के अध्यक्ष दलीप रथ व सहकारिता एवं गोपालन मंत्री अजयसिंह किलक ने प्लांट का अवलोकन कर लोकार्पण किया।
प्रतिदिन 50 मैट्रिक टन होगा उत्पादन
इस केन्द्र में प्रतिदिन तीन शिफ्ट में करीब 50 मैट्रिक टन पशु आहार का उत्पादन होगा। पशु आहार तैयार करने के लिए आधुनिक तकनीक की मशीनें लगाई गई है। इसमें तीन प्रकार का पशु आहार तैयार किया जाएगा। सर्वप्रथम ब्लॉक व पीएमआर-2 (प्लेट) पशु आहार का उत्पादन किया जाएगा। इसके बाद चूरा तैयार किया जाएगा। यहां बने पशु आहार की सप्लाई सर्वप्रथम सरकारी फार्म के गोवंश व दुग्ध समितियों को दी जाएगी। इसके बाद उत्पादन अधिक होने पर बाजार में पशु आहार सप्लाई किया जाएगा। यह पशु आहार केन्द्र सात करोड़ 11 लाख रुपए की लागत से तैयार हुआ है।
जुलाई तक होगा सभी किसानों का कर्ज माफ
सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने बताया कि जुलाई माह तक सभी किसानों को कर्जमाफी के प्रमाण पत्र वितरित करके नया फसली ऋण प्रदान कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के लिए बजट आबंटित किया जा रहा है। हनुमानगढ़ जिले में कर्जमाफी के लिए लगाए जा रहे शिविरों में किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए जा रहे हैं। बजट के अनुरूप उनको नया फसली ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
Updated on:
23 Jun 2018 09:56 pm
Published on:
23 Jun 2018 09:55 pm
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