
शेरेवाला गांव पुलिस छावनी में तब्दील, कड़ी सुरक्षा में गैंगस्टर अंकित भादू का अंतिम संस्कार
श्रीगंगानगर। पंजाब की लॉरेंस गैंग के शार्पशूटर कहे जाने वाले अंकित भादू का अबोहर क्षेत्र गांव शेरेवाला में अंतिम संस्कार किया गया। भादू का शव चंडीगढ़ के डेरा बस्सी से शनिवार शाम को जैसे पहुंचा तो वहां माहौल गमगीन में तब्दील गया, यहां तक कि गांव के अंदर प्रवेश करने वाली गलियों में दुकानें बंद हो गई।
गांव में एकाएक सन्नाटा सा पसर गया। मृतक भादू के परिजनों और रिश्तेदारों के अलावा आसपास ग्रामीण क्षेत्र के लोग अंतिम संस्कार में पहुंच चुके थे। इसके उपरांत उसके अंतिम संस्कार की रस्म अदायगी की गई। ग्रामीणों के बीच सिविल डे्रस में पंजाब पुलिस के गुप्तचर शामिल हो गए।
वहीं पुलिस के आला अफसरों की एक टीम भी भादू के अंतिम संस्कार होने तक वहां डेरा डाले रही। इसके साथ साथ घर से श्मशान भूमि तक पुलिस की पुलिस नजर आ रही थी। इस मौके पर भादू के चाचा रवीन्द्र कुमार और सरपंच राजीव भादू सहित अन्य लोगों ने दाह संस्कार की प्रक्रिया कराई।
इससे पहले पंजाब पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टिगत इस गांव में काफी संख्या में पुलिस कर्मी लगा रखे थे। वहीं गांव के अंदर आने वाले सभी रास्तों पर चैकिंग प्वाइंट बना दिया था, एक एक वाहन की बकायदा चैकिंग की गई।
गौरतलब है कि जीरकपुर की महालक्ष्मी सोसायटी में गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे गैंगस्टर अंकित भादू को पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम आर्गेनाइज्ड क्राइम यूनिट (ओकू) ने गुप्त सूचना के आधार पर घेर लिया था और मौका पाते ही उसका एनकाउण्टर कर ढेर किया।
हालांकि इस स्पेशल टीम ने गोली लगने के बाद भादू को डेरा बस्सी हॉस्पिटल में ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। ऑकू के डीएसपी विक्रमजीत सिंह बराड़ की अगुवाई में इस एकाउण्टर को अंजाम दिया गया था। इस पुलिस अधिकारी की अगुवाई में टीम ने जिसने पिछले साल गणतंत्र दिवस पर यहां हिन्दुमलकोट थाना क्षेत्र में पंजाब के मोस्ट गैंगस्टर विक्की गौंंडर, प्रेम लाहौरिया और सुखप्रीत बुड्ढा को एकाउण्टर में ढेर किया था।
ज्ञात रहे कि भादू के खिलाफ श्रीगंगानगर के हिस्ट्रीशटर जॉर्डन की हत्या, इंदिरा कॉलोनी के ज्वैलर्स पंकज सोनी की हत्या और सादुलशहर में एक व्यापारी से फिरौती का मामला दर्ज था। इन तीन प्रकरणों समेत राजस्थान में पन्द्रह प्रकरणों में भादू वांछित था।
पुलिस ने इस गैंगस्टर को पकडऩे के लिए कई जाल भी बिछाया लेकिन वह हर बार बचता चला गया। यहां तक कि पिछले साल सादुलशहर के पास एक व्यापारी के पास फिरौती की रकम लेने के दौरान पुलिस से आमना सामना भी हुआ लेकिन वह बच निकला।
Published on:
09 Feb 2019 09:13 pm
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