
Gangor
श्रीगंगानगर.
होली के दूसरे दिन से शुरू हुए लोक पर्व गणगौर के पूजन को लेकर कन्याओं और महिलाओं में खासा उत्साह है। शनिवार को पूजन के छठे दिन कस्बे के कई घरों में मिट्टी की मूर्तियां बनाई गई एवं उन्हें शृंगारित कर पूजा की गई। वहीं पूजन के समय 'टीकी रमांक झमां,'चूंदड़ली रो ग्वरा बाई नै कोड', 'भंवर म्हानै पूजण द्यौ गणगौर', 'उदयापुर स्यूं आई गणगौर' आदि गीत गुनगुनाए जाते हैं। पंरपरा के तहत आगामी दस दिनों तक भी पूजा जारी रखेंगी। इसी पूजा में जुटी ब्लॉक एरिया निवासी मनु चौहान, संजू, संगीता, सुमन बिश्रोई, लक्ष्मी सिंधी, मोना सोनी, आदि महिलाओं ने बताया कि मिट्टी के ईसर, गणगौर, मालण, भाया आदि को नए वस्त्र, और शृंगार आदि से सजाया गया है।
रविवार से घर-घर बिदौंरे निकाले जाएंगे, जिसमें इन मूर्तियों की पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ा कर सुहाग के गीत गाए जाएंगे। सुहागिनों ने बताया कि पहले अपने मायके में पूजा की थी और अब ससुराल में आकर भी उसी पंरपरा को आगे बढ़ा रही हैं। अंतिम दिन गणगौर की बड़ी प्रतिमा को सजाकर नगर परिक्रमा के बाद शाम के समय जल में विसर्जन किया जाएगा। इस दिन पूजन करने वाली महिलाएं ढोकले बनाएंगी व 16 दिन तक चलने वाले इस पर्व का समापन होगा।
परीक्षाओं के बीच परंपरा का निर्वहन
जवाहर नगर निवासी अमिता, गायत्री, सरोज वर्मा ने बताया कि परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में परंपरा के तहत 16 दिन तक लगातार पूजा में शामिल होंगी और साथ में परीक्षा की तैयारी भी करेंगी।
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