वहीं श्रीविजयनगर के निकट 13 जीबी के पास बंधा टूटने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बंधा टूटने से ढाई सौ बीघा खेत जलमग्न हो गए। सूचना पर तहसीलदार और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। वहीं एक 92 जीबी में एक बंधा किसी शरारती तत्व ने तोड़ दिया। सीमावर्ती क्षेत्र में पानी की मात्रा बढ़ रही है, हालांकि प्रशासन ने कहा कि किसी तरह की जान माल की हानि नहीं होगी,इसके पुख्ता इंतजाम किए जा रहे है। लेकिन 1990 के दशक में आई बाढ़ में भी पुराना बिंजौर पूरी तरह से डूब गया था, जिससे लोगों की यादें ताजा हो गई है और ग्रामीण भयभीत होकर अपना घरेलू सामान निकालकर सुरक्षित स्थान की तरफ जाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।