श्रीगंगानगर। दूसरों की खुशियों के लिए प्रार्थना और मन्नतें मांगने वाले किन्नर समुदाय के लिए मदन विहार सोसाइटी कॉलोनी में नाचने गाने का दौरा चला। इलाके में किन्नर करिश्मा भारती अब हाजी करिश्मा भारती हो गई है। देश में गंगा-जमुना तहजीब की यह मिसाल बन गई है। पहले चारों धाम की कठिन यात्रा की। इसके बाद दूसरों की मन्नतें पूरी करने के लिए हज यात्रा पर मक्का मदीना पहुंच गई। वहां करीब 28 दिन की यात्रा करने के उपरांत लौटी। कुल मिलाकर करीब चार महीने लंबे समय अवधि में कठिन तपस्या कर हाजी करिश्मा भारती जैसे ही यहां जिला मुख्यालय पर मदन विहार सोसायटी कॉलोनी में आई तो किन्नर समुदाय ने उनका भव्य रूप से स्वागत किया।
हाजी करिश्मा भारती की चेला तराना भारती ने बताया कि किन्नर समुदाय हर समुदाय के लोगों की तरक्की और खुशियां की प्रार्थना करता है। सांप्रदायिक सद्भावना को जागृत करने के उद्देश्य से करिश्मा भारती ने करीब चार माह पहले बद्रीनाथ, केदार नाथ, गंगोत्री, हरिद्वार, नीलकंठ और तिरूपति बालाजी धाम जा पहुंची। दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश के चितूर में िस्थत तिरूपति बालाजी के समक्ष गुरु माई करिश्मा भारती ने अपना मुंडन कराया ताकि लोगों की दुआओं का असर खूब रहे। इसके बाद गुरु माई ने हज की यात्रा करने का संकल्प लिया। कठिन और संघर्ष भरी इस यात्रा में वह मक्का मदीना गई।
बालाजी धाम के पास मदन विहार सोसायटी में गुरु माई करिश्मा भारती का नया डेरा बनाया गया है। इस डेरे के बाहर बड़ा पंडाल लगाकर मंच सजाया गया। इस मंचासीन गुरु माई का कहना था कि किन्नर समुदाय इलाके की सुख समृदि़ध की कामना करता हैं और सदा करता रहेगा। भगवान से आशीर्वाद पाकर दीन दुखियों की सेवा भी हमारा कर्म है। बेटियों की शादी में जितना सहयोग होता है उतना किया जाता है और हमेशा किया जाता रहेगा। चेला तराना भारती ने बताया कि इस दौरान पंजाब के खुईया सरवर डेरे की डेरा प्रमुख माई अनीता शर्मा, पुरानी दिल्ली डेरे की प्रमुख अशरफी, शबनम आदि ने माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। इस दौरान कई लोग परिवार सहित पहुंचे और हाजी करिश्मा भारती से आशीर्वाद लिया।