6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Video: बिन स्टाफ विद्यार्थी कैसे करें सरस्वती की आराधना

राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय विषय अध्यापकों की कमी से जूझ रहा है। क्षेत्र में बालिकाओं के लिए यह इकलौता राजकीय सीनियर सैकण्डरी स्कूल है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

श्री गंगानगर

•

image

pawan uppal

•

Updated: 25 Oct 2017, 10:32 AM IST

school

बिन स्टाफ विद्यार्थी कैसे करें सरस्वती की आराधना

श्रीबिजयनगर

राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय विषय अध्यापकों की कमी से जूझ रहा है। क्षेत्र में बालिकाओं के लिए यह इकलौता राजकीय सीनियर सैकण्डरी स्कूल है। शिक्षकों की कमी के कारण छात्राएं स्ंवय के स्तर पर अपने कॅरियर की ऊंचाई छूने के लिए प्रयासरत हैं। विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक 448 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनकी समुचित शिक्षा के लिए राज्य सरकार ने शिक्षकों सहित कुल 21 पद सृजित कर रखे हैं, लेकिन उनमे अभी 10 पद रिक्त हैं। शेष विषय का अध्ययन कार्य विद्यार्थी को अपने स्तर पर करना पड रहा है ।

विद्यालय में शिक्षण स्टाफ में फस्र्ट ग्रेड के 5 में से 2 (व्याख्याता भूगोल, इतिहास), द्वितीय श्रेणी के चार में से 2 पद (पंजाबी व एक अन्य ) तथा तृतीय श्रेणी के छह मे से तीन पद रिक्त हैं। विद्यालय का अपना खेल मैदान नही होने के कारण खेल गतिविधियां पूरी तरह से ठप हैं। विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा के लिए कम्प्यूटर लैब में अधिंकाश कम्प्यूटर खराब पड़े हैं। इस विद्यालय को शिक्षा विभाग द्वारा इतना अनदेखा किया जा रहा कि इतिहास व भुगोल का पद लम्बे अरसे से खाली पडा है । कक्षा 10 व 12 बोर्ड कक्षाएं होने के कारण इन कक्षाओं में अध्ययन करने वाली छात्राओं की परीक्षा नजदीक आने लगी है

और अब तक स्टाफ न होने के कारण जिनका विषयाअध्यापक नहीं है उन विषयों का शिक्षण कार्य एक तरह से ठप पडा है । बालिकांओं को समुचित शिक्षा न मिलने के कारण बालिकाएं चितिंत है ।महज 5 कमरो मे बैठने की वयवस्था शिक्षा विभाग की और से 448 बच्चों के बैठने के लिए केवल पांच कक्षा कक्षो की वयवस्था की गई है, हैरानी की बात यह है कि 12 कक्षांए होने के बावजुद विद्यार्थियों के लिए केवल पांच कक्ष । कक्षा कक्षो की कमी होने के कारण विद्यार्थियो को भारी परेशानियो का सामना करना पड रहा है ।

हालाकिं विद्यालय प्रशासन की और से विद्यार्थियो को प्रयोगशाला कक्षो मे बिठाया जा रहा है, इसके अलावा एक कक्षा सार्वजनिक निर्माण विभाग की और से नकारा किए गए कक्ष मे लगाई जा रही है । वहीं दूसरी और बडी कक्षाओं की बात करें तो कक्षा 9 मे 98, कक्षा 10 मे 60, कक्षा 11 मे 64, कक्षा 12 मे 44 छात्राए अध्ययनरत्त है । इन कक्षाओं मे संख्या ज्यादा होने के कारण इन्हे दो वर्गो मे विभाजित किया जाना चाहिए लेकिन मजबुरी मे एक साथ बिठाकर पढ़ाया जा रहा है ।

अलग-अलग शौचालय की वयवस्था नहीं पूर्व मे विद्यालय मे केवल बालिकाएं अध्ययनरत्त थी लेकिन गत वर्ष शिक्षा विभाग की और से एक अन्य राजकीय विद्यालय इस विद्यालय मे मर्ज कर दिया गया जिसके कारण विद्यालय मे कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के लडके भी अध्ययन कर रहे है लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजुद भी विभाग की और से लडको के लिए अलग से शौचालय की वयवस्था नही की जिसके कारण लडकियों को परेशानियो का सामना करना पड रहा है । 2015-16 संख्या- 315 वर्ष 2016-17 संख्या- 383 वर्ष 2017-18 संख्या- 448 कैप्शन-श्रीबिजयनगर का राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय

पत्रिका इनका कहना है

स्टाफ की कमी की सूचना नियमित रूप से शिक्षा विभाग को भेजी जाती है, लेकिन हालात में परिवर्तन नहीं आया है -रेणु लामोरिया, प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका सीनियर सैकण्डरी स्कूल, श्रीबिजयनगर. की है मांग विद्यालय में शिक्षकों के पद भरने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा गया है लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ है । सरकार बालिका शिक्षा को बढावा देने के लिए एक तरफ तो विभिन्न योजनाएं चला रही है लेकिन दूसरी और स्थिती बिल्कुल विपरीत है, जिससे बालिकाएं समुचित शिक्षा ग्रहण नही कर पा रही है - नानक चन्द कुक्कड़, अध्यक्ष कपडा कमेटी,

श्रीबिजयनगर करेंगें आदोलन सरकार द्वारा अगर जल्द विद्यालय में रिक्त पदो को नही भरा जाता तो धरना प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पडी तो भुख-हडताल पर भी बैठेगें- गोपाल मेघवाल, तहसील सचिव, किसान सभा, श्रीबिजयनगर