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पेट में दर्द रहता है, सोनोग्राफी कर दो, मिला टका सा जवाब-आप तो अगले महीने आना

- जिला चिकित्सालय में नहीं बदला ढर्रा: सोनोग्राफी टेस्ट के लिए मिल रही एक महीने की तारीखें

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श्रीगंगानगर. उम्र करीब सत्तर पार और मुरझाया हुआ चेहरा। चलने के लिए बार बार प्लास्टिक की बनी छड़ी का सहारा। जवाहरनगर क्षेत्र से आई बुजुर्ग प्रेम रानी बार बार अपने पेट में दर्द होने की वजह से सोनोग्राफी टेस्ट की रट लगा रही थी। लेकिन उसे टकासा जवाब मिला कि अगले महीने की सौलह तारीख को आ जाना। यानि दीपावली के बाद अगले महीने 16 नवम्बर को। इस बुजुर्ग की पीड़ा सुनकर भी जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी भवन परिसर में सोनोग्राफी केन्द्र के बाहर बैठे नर्सिग स्टाफ अनसुना कर रहे थे। वह कुछ देर तक तो मन में ही सिस्टम को कोसा और फिर धीरे धीरे वहां से बाहर चली गई। अस्पताल के गेट पर टैम्पों से अपने गंतव्य स्थल को रवाना हो गई। जिला चिकित्सालय परिसर में ऐसा ही नाजारा देखा जा सकता था। जिन लोगों की एप्रोच नहीं वे मायूस होकर लौटना ही उचित मान रहे थे। इस जांच केन्द्र के पास वाले रूम में बैठे इस स्टाफ का कहना था कि सामान्य रोगियों के लिए शैडयूल बनाया हुआ है। रजिस्टर में तारीख अंकित की जा रही है ताकि जब संबंधित तारीख को आएगा तो उसी दिन सोनोग्राफी टेस्ट हो जाएगा। ऐसे टेस्ट के लिए कई महिलाएं और भी आई। इसमें कई तो गर्भवती महिलाएं थी जिसका यह टेस्ट करवाना अनिवार्य था लेकिन उन्हें भी लंबा इंतजार किया जा रहा था। विदित रहे कि जिला चिकित्सालय में पीएमओ की कुर्सी पर अफसर बदले जा चुके है लेकिन ढर्रा अब तक नहीं बदला गया है।
कई तो भीड़ देखी तो निराश होकर लौटी
पुरानी आबादी से आई राजरानी और कुसुम भी भीड़ को देखकर वापस लौटने लगी। इन महिलाओं का कहना था कि जब पेट में दर्द अभी है तो उपचार तो करवाना है। इस टेस्ट कराने के लिए एक महीने तक अपना दर्द तो रोक नहीं सकते। इंडस्ट्रीयल एरिया से एक महिला के साथ आई युवती प्रिया ने तो स्टाफ कार्मिक को बोल दिया कि यह कैसा सिस्टम है आपका। ऐसा करो आप तो अपने डॉक्टरों को ही पाबंद कर दो कि ऐसी जांच रोगियों की पर्ची पर अंकित नहीं करें ताकि लोगों को यूं भटकना नहीं पड़े। यह सुनकर वहां कुछ देर तो सन्नाटा रहा लेकिन लेडिज गार्ड के तीखे तेवर देख एकाएक भीड़ छंटने लगी।
नौ माह में बारह हजार रोगियों की जांच
जिला चिकित्सालय के इस जांच केन्द्र पर रोगियों का इतना अधिक दवाब है कि यहां रोजाना भीड़ लगती है। सोनोग्राफी केन्द्र के रेकार्ड के अनुसार इस साल के जनवरी से सितम्बर तक नौ माह में इस केन्द्र पर 11 हजार 989 जांचें हो चुकी है। इसमें सितम्बर माह में 1323 रोगियों की जांच की गई है।
पीएमओ बोले, अब बैकलॉग करेंगे खत्म
जिला चिकित्सालय के पीएमओ डा. सुखपाल सिंह बराड़ ने बताया कि अस्पताल में भर्ती रोगियों के सोनोग्राफी टेस्ट हो रहे है और गर्भवती महिलाओं के नियमित जांच भी किए जा रहे है लेकिन ओपीडी में ज्यादा भीड़ आने की वजह से यह तारीख सिस्टम बनाया हुआ है। व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रोगियों को सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। अब इस बैकलॉग को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा।


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