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श्री गंगानगर

मेडिकल दुकान मालिक के घर में अवैध रूप से रखी 37500 नशे की गोलियां बरामद

- 5.36 लाख रुपए नकदी बरामद, 90 कनेडियन, 3 अमेरिकी डॉलर, 10 नेपाली रुपए मिले

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श्रीगंगानगर. पदमपुर पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल दुकान मालिक के घर पर छापे की कार्रवाई कर अवैध रूप से बिना लाइसेंस व बिना बिल भण्डार करके रखी हुई 37500 नशे की गोलियां बरामद की है। मौके से पुलिस 5.36 लाख रुपए की नकदी, अमेरिकी, कनेडियन डॉलर व नेपाली रुपए भी जब्त किए हैं। घर से बरामद नशे में दुरुपयोग की जा रही गोलियों की कीमत करीब 6.80 लाख रुपए है। पुलिस ने दुकान मालिक को गिरफ्तार किया।


पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने बताया कि श्रीकरणपुर सीओ सुधा पालावत के सुपरविजन में नशा मुक्ति अभियान के तहत रविवार को पदमपुर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आरपीएस सोनू चौधरी व ड्रग इंस्पेक्टर अमृता सोंग्रा ने पुलिस जाब्ते के साथ मुखबिर की सूचना पर बिश्नोई धर्मशाला के पास स्थित श्याम मेडिकल के मालिक हिमांशु गर्ग के वार्ड नंबर दस पदमपुर में घर पर छापे की कार्रवाई की।

इस कार्रवाई के दौरान उसके घर में 37500 नशे की गोलियां बरामद की गई, जिनकी कीमत करीब 6.80 लाख रुपए है। मौके पर इन दवाओं के बिल व भण्डार का कोई लाइसेंस नहीं मिला। इसके अलावा उसके घर से 5.36 लाख रुपए की नकदी, 90 कनेडियन डॉलर, 3 अमेरिकी डॉलर व दस नेपाली रुपए व क्यूआर कोड तथा नोट गिनने की मशीन को जब्त की है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि मेडिकल दुकान का मालिक हिमांशु गर्ग नशे की गोलियों का अवैध कारोबार करता है और दुकान व घर में भारी मात्रा में नशे की गोलियां छिपाकर रखता है। जिसके घर व दुकान में अभी भी भारी मात्रा में नशे की गोलियां छिपाकर रखी हुई है। इसके बाद पुलिस व ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद पुलिस ने हिमांशु गर्ग पुत्र सुरेन्द्र कुमार गर्ग को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया था। जिसको सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां से जमानत पर रिहा कर दिया।


पुलिस टीम में ये रहे शामिल
– प्रशिक्षु आरपीएस, ड्रग इंस्पेक्टर के साथ कार्रवाई में एएसआई कुलवंत सिंह, हैडकांस्टेबल गुरदेव सिंह, कांस्टेबल हनुमान प्रसाद, कलवंत सिंह, प्रमोद कुमार व सुलतान शामिल रहे। इसमें कांस्टेबल हनुमान प्रसाद की विशेष भूमिका रही।


अब पैरों में दर्द की दवा से कर रहे नशा
– सहायक औषधी नियंत्रक अशोक कुमार मित्तल ने बताया कि कुछ साल पहले कई बीमारियों की गोलियों को भारी मात्रा में नशे में दुरुपयोग होने लगा था। इन दवाओं को एनडीपीएस घटक में शामिल किया गया। इस पर पुलिस की ओर से एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई की जाती रही है। कुछ सालों में एनडीपीएस घटक में शामिल नशे की गोलियों पर पुलिस, औषधी नियंत्रण विभाग, एनसीबी सहित अन्य एजेंसियों की ओर से धरपकड़ अभियान चलाए गए।

इसके चलते नशे की गोलियों की तस्करी में कमी आई लेकिन अब नशा करने वालों ने दूसरे विकल्प तलाश कर लिए। पैरों दर्द व नींद के उपयोग में मरीजों को दी जाने वाली दवा को नशे में दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके चलते औषधी नियंत्रण विभाग पुलिस के साथ मिलकर लगातार कार्रवाई करेगा।


दुकानदार का लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई होगी
– प्रशिक्षु आरपीएस सोनू चौधरी ने बताया कि नशे के रूप में दुरुपयोग किए जाने वाली दवाओं को बिना लाइसेंस, बिना क्रिय बिल आदि के घर में भण्डार करने पर औषधी नियंत्रण विभाग की ओर से विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत इसका लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा।