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पाकिस्तान से आने वाली चाइनीज ड्रोन को धूल चटाएगी देशी तकनीक

तस्करी का जरिया बने चाइनीज ड्रोन से निपटने के लिए पूर्णत स्वदेशी तकनीक पर आधारित एंट्री ड्रोन सिस्टम मिलेगा। प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है।

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मंगेश कौशिक/श्रीगंगानगर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल को श्रीगंगानगर सेक्टर में ड्रग तस्करी का जरिया बने चाइनीज ड्रोन से निपटने के लिए पूर्णत स्वदेशी तकनीक पर आधारित एंट्री ड्रोन सिस्टम मिलेगा। मेक इन इंडिया के तहत विकसित देशी तकनीक चाइनीज ड्रोन को भारतीय सीमा से पहले ही धूल चटा देगी। सीमा सुरक्षा बल हेरोइन की तस्करी की बढ़ती घटनाओं को लेकर संवेदनशील बना है। बल के महानिदेशक पंकज कुमार सिंह तीन दिन पहले श्रीगंगानगर सेक्टर के दौरे पर एंटी ड्रोन सिस्टम की बॉर्डर पर तैनाती का संकेत दे चुके हैं।

अफगानी हेरोइन को पंजाब के ड्रग माफिया तक पहुंचाने के लिए पाक तस्कर चाइनीज ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाइना ने पाक को यह ड्रोन सुरक्षा के लिए दिए थे, लेकिन इनका उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों में हो रहा है। बल के महानिदेशक ने जम्मू कश्मीर और पंजाब में हथियारों, विस्फोटक सामग्री और मादक पदार्थों के साथ कई ड्रोन गिराए जाने के बाद यह दावा किया था कि सीमा पार से यह समान लेकर आ रहे 95 प्रतिशत ड्रोन चाइनीज हैं। श्रीगंगानगर सेक्टर में इसी साल अब तक पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में 18 किलो हेरोइन ड्रोन के जरिए फेंकी जा चुकी है।

जवानों को दिया प्रशिक्षण
बॉर्डर पर एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती से पहले बीएसएफ के कई जवानों को इसका प्रशिक्षण दिया है। बीएसएफ के सामने पाक ड्रोन से निपटना बड़ी चुनौती है। वह एंटी ड्रोन तकनीक के साथ सुरगों का पता लगाने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सर्विलांस के प्रोजेक्ट पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। एंटी ड्रोन सिस्टम और सुरंग निरीक्षण का ट्रायल हो चुका है। इसे भूमि (बीएसएफ हाईटेक अंडरटेकिंग फॉर मैक्सिमाइजिंग इनोवेशन) नाम दिया है।

हमारी तकनीक की ताकत
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा एंटी ड्रोन सिस्टम काफी ताकतवर होगा। इसकी रडार डिटेक्शन रेंज चार किलोमीटर होगी। दो किलोमीटर से अधिक इसकी जैमिंग रेंज होगी। भारतीय सीमा में प्रवेश से पहले दो किलोमीटर दूर पाक ड्रोन की कार्यप्रणाली को एंटी ड्रोन सिस्टम से जाम किया जा सकेगा। एंट्री ड्रोन सिस्टम से दुश्मन के ड्रोन को एक किलोमीटर की दूरी पर ध्वस्त भी किया जा सकेगा।

निकट भविष्य में होगा लैस
बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। पाकिस्तानी ड्रोन से जम्मू वायु स्टेशन पर हुए हमले के बाद बीएसएफ ने एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती को प्राथमिकता पर रखा है। संभवत: इसी वर्ष के अंत तक श्रीगंगानगर सेक्टर भी एंटी ड्रोन सिस्टम से लैस हो जाएगा।