
जैतसर.
लोकतंत्र दोष निवारण मंच की बैठक रविवार को धानका धर्मशाला में कृषि उपज मण्डी समिति के पूर्व चैयरमैन ओमप्रकाश इंदौरा एवं धानका समाज के अध्यक्ष देशराज डाबला की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि लोकतंत्र दोष निवारण मंच के राष्ट्रीय संयोजक रामप्रवेश डाबला एवं विशिष्ट अतिथ स्थानीय इकाई से जुड़े पुरुषोतम धानका थे। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि लोकतंत्र दोष निवारण मंच के राष्ट्रीय संयोजक रामप्रवेश डाबला ने कहा कि आजादी के बाद जब देश का संविधान तैयार किया गया तो उसमें दस वर्षों के लिए जातिगत आरक्षण देकर समाज की पिछड़ी हुई जातियों को अन्य समाज के समकक्ष लाने का प्रस्ताव रखा जो तत्समय की परिस्थितियों के अनुसार उचित कदम था।
लेकिन बीते सात दशकों में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जातिगत आरक्षण को आगे बढाकर देश में जातिगत वैमनस्यता बढाने का काम किया है। जातिगत आरक्षण के लिए श्रेणीवार विभाजित किये गये कोटे का लाभ मात्र तीन-चार जातियों के लोग ही उठा रहे हैं जबकि समाज का एक लंबा वर्ग आज भी पिछड़ा हुआ है। स्वर्ण जातियों के अनेक परिवार जो आर्थिक रुप से पिछड़े हुए हैं, की प्रतिभाएं जातिगत आरक्षण के कारण पिछड़ती जा रही है।
जातिगत आरक्षण के कारण सरकार एवं सरकारी महकमों में अनेक अयोग्य लोग शामिल हो गये हैं, जो मात्र निजी स्वार्थ के लिए जातिगत आरक्षण को साल दर साल आगे बढा रहे हैं। बैठक को संबोधित करते हुए धानका समाज के अध्यक्ष देशराज डाबला एवं कृषि उपज मण्डी समिति के पूर्व चैयरमैन ओमप्रकाश इंदौरा ने कहा कि राजनीतिक संगठनों में जातिगत इकाइयां व चुनावों में जातिगत चुनाव क्षेत्र बंद होने चाहिए। किसी एक वर्ग विशेष के लिए क्षेत्र आरक्षित कर देने से या राजनीतिक संगठनों में जातिगत इकाइयों का संचालन करने से जातिगत द्वेषभावना कम होने के बजाय बढ रही है।
बैठक में वार्ड पंच बनवारीलाल धानका, विनोद धानका, पुरुषोतम, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में धानका समाज के लोग शामिल हुए। धानका समाज करेगा उपतहसील पर प्रदर्शन- राजस्थान धानका समाज की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष देशराज डाबला ने बताया कि जातिगत आरक्षण बंद करने की मांग को लेकर लोकतंत्र दोष निवारण मंच के बैनर तले धानका समाज रविवार को उपतहसीलदार कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेगा।
जिसमें कस्बे सहित आसपास के गांवों से धानका समाज के युवा एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री को भिजवाया खुला पत्र- लोकतंत्र दोष निवारण मंच के राष्ट्रीय संयोजक रामप्रवेश डाबला ने राजस्थान पत्रिका से खास बातचीत के दौरान बताया कि करीब चार महीने पहले ही उन्होने पीएमओ एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुला पत्र भिजवाकर जातिगत आरक्षण को बंद करने व सर्वसमाज के आर्थिक रुप से पिछड़े परिवारों को प्राथमिकता देने की मांग की थी। जिसकी प्रतिक्रिया में पीएमओ की ओर से ओबीसी वर्ग के आरक्षण कोटे का पुनसर्वे करवाने व तीन चरणों में आरक्षण पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया गया था।
Updated on:
15 Jan 2018 08:24 am
Published on:
15 Jan 2018 07:47 am
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