
Janmashtmi 2022 :गूंजे जय कन्हैयालाल के जयकारे
#janmashtami श्रीगंगानगर। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर शुक्रवार की सांझ ढलते ही जन्माष्टमी पर्व की धूम रही। रात जैसे ही बारह बजे तो प्रभु जन्म पर नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयकारे लगे। भगवान की आरती हुई और जन्म की बधाइयां दी गई। इस बार भक्तों की भीड़ के बीच खूब जोर-शोर से जन्माष्टमी मनाई गई और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। कृष्ण जन्मोत्सव होते ही थाली बजाकर प्रसाद वितरण किया गया। गौरतलब है कि पिछले दो साल से कोरोना के कारण जन्माष्टमी उत्सव फीका हो रहा था लेकिन अब की बार मंदिरों में दुगुनी भीड़ नजर आई।
पुरानी आबादी के कृष्णा मंदिर में शुक्रवार शाम को ही लोग एकत्र होने लगे। कृष्ण जन्मोत्सव पर रात्रि 12.30 बजे मनाया गया। मंगला आरती के साथ ही पंचामृत स्नान करवाकर प्रभु को केसरिया- लाल वस्त्र धारण करवाए गए। शृंगार आरती के साथ जन्मोत्सव के भजन और बधाई गीत गाए। साथ ही पूरे दिन हाथी घोड़ा पालकी के जयकारे लगाते हुए दर्शन करने भक्तों का तांता लगा रहा। संध्या आरती के बाद भजन कीर्तन हुए और रात्रि साढ़े बारह बजे शंख, नगाड़ों और थाली की ध्वनि के साथ प्रभु का जन्मोत्सव मनाया ।
इधर, अरोड़वंश ट्रस्ट के राम मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी को पंचामृत स्नान कराया गया। वहीं गीता भवन में योगेश्वर को नए वस्त्र पहनाए। इस भवन परिसर में बच्चों की आकर्षक झांकिया नजर आई। रात्रि 12 बजे कृष्ण जन्म के उल्लास में भक्त झूम उठे। पंडित भागीरथ सारस्वत ने बताया कि लोगों की भीड़ को देखते हुए गीता भवन के दोनों गेट खोल दिए गए। वहां ठाकुरजी को महाभोग लगाया गया।
Published on:
19 Aug 2022 11:48 pm
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