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सादुलशहर. किसान संगठनों की ओर से गांव बंद के तहत लगातार चौथे दिन सोमवार को शहर में दूध व सब्जी की आपूर्ति नहीं हुई। आमजन सब्जी व दूध नहीं मिलने के कारण बुरी तरह से त्रस्त है। लोगबाग दूध व सब्जी के लिए इधर-उधर भटकते हुए हर समय देखे जा सकते हैं। सर्वाधिक परेशानी दूध न मिलने के कारण हुई है।
दूध के भाव ६० से ८० रुपये तक प्रति लीटर तक हो गए हैं। इस दाम पर भी दूध आसानी से नहीं मिल रहा है तथा घटिया क्वालिटी का दूध मिल रहा है। इसके अलावा सर्वाधिक परेशानी की मार मध्यम व गरीब तबका झेल रहा है। जो कि ऊंंचे दामों पर दूध खरीदने में असक्षम हैं। आमजन अपनी इस दुविधा को हर गली व चौराहे पर बयान करता हुआ नजर आता है। लेकिन शासन प्रशासन की ओर से आमजन की इस पीड़ा को कम करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
किसान संगठनों की ओर से शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर नाके लगा रखे हैं तथा आने-जाने वाले वाहनों की गहनता से तालाशी ली जा रही है। जिसका आमजन खुलकर विरोध भी कर रहे हैं। ट्रकों वालों को फल-सब्जी के नाम पर रोका जा रहा है। दूध व फल-सब्जी की सप्लाई रुकने के कारण इस क्षेत्र के करीब २०० दूध व सब्जी विक्रेता गत चार दिनों से हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं तथा उनके घर का पालन पोषण बमुश्किल हो गया है।
पॉलीथीन उन्मूलन के लिए मिनी मैराथन का आयोजन
सादुलशहर. राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड की ओर से सोमवार को पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलीथीन उन्मूलन के लिए मिनी मैराथन जागरूकता रेली का आयोजन प्रभारी सचिव रामकुमार गेदर की अध्यक्षता में किया गया। यह रेली संजीवनी कॉन्वेंट स्कूल से शुरू हुई। इस रेली को संजीवनी शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष देवेन्द्र राजपूत व रामकुमार गेदर ने संयुक्त से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह रेली शहर के मुख्य मार्गों से निकाली गई।
स्काउट गाइड रेली के माध्यम से आमजन को पॉलीथीन कैरी बैग्स के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया तथा पॉलीथीन कैरी बैग्स का उपयोग नहीं तथा पॉलीथीन की जगह कपड़े का थैला उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधारोपण व पौधों की देखभाल का आह्वान किया।
Published on:
5 Jun 2018, 12:44 PM IST
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