
पशु का इलाज करने के नाम पर रिश्वत लेते हुए पशुधन परिचारक गिरफ्तार - दो हजार रुपए की रिश्वत ली, आखिरी किश्त लेते पकड़ा गया
श्रीगंगानगर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शनिवार सुबह समेजा में कालूवाला ढाबा चौराहे पर पशु का इलाज करने के नाम पर छह सौ रुपए की रिश्वत लेते हुए पशुधन परिचारक को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से टीम ने छह सौ रुपए रिश्वत की राशि बरामद कर ली। आरोपी को शाम को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।
भ्रष्टाचारा निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र ढिढारिया ने बताया कि 65 एनपी समेजा निवासी ओमप्रकाश पुत्र चौथराम नायक ने 12 फरवरी को परिवाद दिया कि राजकीय पशु चिकित्सालय 59 एनपी श्यामगढ़ में संविदा पर पशुधन परिचारक के पद पर कार्यरत 16 ए बीएसएफ के सामने अनूपगढ़ निवासी जोगेन्द्र सिंह पुत्र श्यामलाल ओड ने पशु का इलाज करने के नाम पर उससे तीन हजार रुपए मांगे थे और एक हजार रुपए पहले ही ले लिए थे।
शिकायत के बाद ब्यूरो की टीम की ओर से 13 फरवरी को मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें परिवादी से आरोपी ने 400 रुपए लिए थे। 15 फरवरी को छह सौ रुपए लेकर परिवादी को आरोपी ने कालूवाला ढाबा चौराहे पर बुलाया था।
जहां में डीएसपी वेदप्रकाश लखौटिया व टीम ने आरोपी जोगेन्द्र सिंह को छह सौ रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद यहां आसपास के लोग जमा हो गए। टीम ने आरोपी के कब्जे से छह सौ रुपए रिश्वत की राशि बरामद कर ली। कार्रवाई की भनक लगने पर पशु चिकित्साकर्मियों में हडक़ंप मच गया।
डॉक्टर के सहायक के रूप में करता था कार्य
- ब्यूरो के डीएसपी वेदप्रकाश लखोटिया ने बताया कि कार्रवाई के बाद आरोपी के घर की भी तलाशी ली गई लेकिन वहां कुछ संदिग्ध नहीं मिला। आरोपी 1996 से संविदा पर कार्यरत है और पशु चिकित्सक के सहायक के रूप में कार्य करता है। मामले में किसी अन्य की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पशु चिकित्सालय में प्रकरण से सबंधित इलाज की एंट्री है या नहीं इसकी भी जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान उनके साथ टीम में हैडकांस्टेबल हंसराज, संजीव कुमार, भवानी सिंह, सुबे सिंह व निर्मल कुमार शामिल रहे।
Published on:
16 Feb 2020 12:15 am
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