
demo pic
-गुरु पूर्णिमा की रात को रहेगा ग्रहण
-दोपहर में शुरू हो जाएगा सूतक
श्रीगंगानगर.
इलाके में इस बार 27 जुलाई को चंद्रग्रहण रहने से इस दिन होने वाले धार्मिक आयोजनों पर असर पड़ेगा। मंदिरों के पट सुबह तो खुलेंगे लेकिन दोपहर में सूतक लगने के बाद अगले दिन सुबह ही मंदिर के पट खोले जाएंगे। ऐसे में शाम को गुरु पूर्णिमा का कोई धार्मिक आयोजन नहीं हो पाएगा। धार्मिक मामलों के जानकार बताते हैं कि ग्रहण काल में दान पुण्य का विशेष महत्व है, ऐसे में इस दिन रात को ग्रहण अवधि संकल्प के बाद सुबह दान पुण्य किया जा सकेगा।
सूतक 2.55 बजे शुरू
इस बार 27 जुलाई को रहने वाले चंद्रग्रहण का सूतक नियमानुसार ग्रहण अवधि से नौ घंटे पहले लगेगा। ऐसे में ग्रहण रात 11.55 बजे होने से सूतक दोपहर 2.55 बजे शुरू हो जाएगा। इसके बाद से जाप आदि पर जोर रहेगा। ग्रहण की अवधि तीन घंटे 56 मिनट की रहेगी। इस अवधि के दौरान जाप और दानपुण्य आदि श्रेष्ठ माना गया है। ग्रहण समाप्ति के बाद सुबह स्नान आदि करके ही घर के कार्य में जुटना उचित माना गया है।
अठारह वर्ष पहले हुए इतना लंबा ग्रहण
धार्मिक मामलों के जानकार पंडित शिवदयाल शास्त्री बताते हैं कि इस बार ग्रहण की अवधि 3 घंटे 56 मिनट है। इससे पूर्व इतना लंबा ग्रहण करीब 18 वर्ष पूर्व होने की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि ग्रहण की अवधि यानी पर्व काल में किसी भी वस्तु का दान किया जा सकता है। रात के समय ग्रहण होने की स्थिति में रात को इसका संकल्प कर सुबह दान किया जा सकता है।
Read more news.....
Published on:
22 Jul 2018 07:26 pm
बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
