
demo pic
श्रीगंगानगर
नहर में गिरा मनीष आखिरकार दसवें दिन शुक्रवार को इंदिरा कॉलोनी स्थित अपने घर तो लौट गया लेकिन जिंदा नहीं। उसके शव को लाधुवाली के पास शुक्रवार शाम को गंगनहर से बरामद किया गया। जैसे ही शव लेकर परिजन घर पहुंचे माहौल पहले से अधिक गमगीन हो गया।
दस दिनों तक पानी में रहने के कारण शव इतना क्षत विक्षत हो गया कि मां पार्वती अपने बेटे का मुंह तक नहीं देख पाई। इकलौती बहन माया हर साल जिस भाई के हाथ पर रक्षा सूत्र बांधकर सिर पर हाथ रखवा कर वचन लेती थी वह हाथ अब कभी उसके सिर पर नहीं आएंगे। अब घर में वृद्ध माता-पिता और दादी को संभालने की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई है।
आखिर तलाश पूरी
सात जून की सुबह नाथांवाला पुल पर नहर में गिरे इंदिरा कॉलोनी की गली नंबर चार निवासी मनीष पुत्र चिमनलाल मोची का शव शुक्रवार की शाम मुख्य शाखा में लाधुवाला गांव की पुलिया के पास अटका मिला। सूचना पर नागरिक सुरक्षा के प्रभारी हेतराम, स्वयं सेवक सुशील, पवन कुमार, हंसराज, धर्मवीर और राजेश कुमार गोताखोर के साथ मौके पर पहुंचे।
पूर्व पार्षद बाबूलाल निर्वाण ने बताया कि सदर पुलिस और चिकित्सक मौके पर बुलाए गए। शव का मौके पर ही पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। शव दस दिन तक पानी में रहने के कारण बुरी तरह से क्षत विक्षत हो गया था।

बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
