गैस एजेन्सियों ने बनाया पूल
पिछले दो साल से रसद विभाग की ओर से घरेलू गैस सिलेण्डरों का व्यवसायिक इस्तेमाल रोकने के लिए कोई छापेमारी नहीं की गई है। कुछ बड़े होटलों में व्यवसायिक कनेक्शन तो हैं, लेकिन वे भी चोरी-छुपे घरेलू गैस सिलेण्डरों का प्रयोग कर रहे हैं। गैस एजेन्सियों ने इस मामले में पूल बना रखा है, लेकिन इसके बावजूद रोजाना 50 से 60 व्यवसायिक सिलेण्डरों की सप्लाई हो पाती है। शहर में लगभग 300 से अधिक चाय की दुकानें, ढाबें, रेस्टोरेंट आदि हैं। इनमें से ज्यादतर पर घरेलू सिलेण्डर ही प्रयोग में लाए जा रहे हैं। गली-मोहल्लों में गैस रिफलिंग की भी दुकानें खुली हुई हैं।