कृष्ण चौहान.श्रीगंगानगर.महात्मा गांधी नरेगा योजना में एमआईएस/एसएनए-स्पर्श के अंतर्गत श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिलों सहित प्रदेशभर के 33 जिलों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जारी की गई राशि का सही उपयोग नहीं हो पाया है। राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा ने इसे गंभीरता को लेते हुए सभी जिला परिषद सीइओ से स्पष्टीकरण मांगा है। राज्य में इस योजना के अन्तर्गत 89 करोड़ 60 हजार रुपए जारी हुए जिनमें 59 करोड़ 82 लाख 36 हजार रुपए ही खर्च हुए हैं। प्रदेशभर में 29 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपए खर्च नहीं किए जा सके।
श्रीगंगानगर जिले में पिछले वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया था,लेकिन 31 मार्च तक सिर्फ 1 करोड़ 71 लाख 98 हजार रुपए ही खर्च हो सके। इस तरह 78 लाख 02 हजार रुपए का उपयोग ही नहीं किया जा सका है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
पड़ोसी जिले में भी स्थिति अच्छी नहीं
हनुमानगढ़ जिले की भी स्थिति कुछ ज्यादा अच्छी नहीं है। वहां 2 करोड़ 50 लाख रुपए में से महज 1करोड़ 28 लाख 34 हजार रुपए ही खर्च हुए हैं। एक करोड़ 21 लाख 66 हजार रुपए के बजट का इस्तेमाल नहीं किया जा सका। प्रदेशभर में कमोबेश यही िस्थति है।
केन्द्र सरकार ने गंभीरता से लिया
मनरेगा में एसएनए-स्पर्श के माध्यम से आवंटित राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए मार्च 2025 से पूर्व वीसी और परिपत्र के माध्यम से कई बार निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद पूरी राशि खर्च नहीं की गई। इसको केन्द्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। अब संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा रहा है।
---इनका कहना है ---
श्रीगंगानगर में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत 1 करोड़ 71 लाख 98 हजार रुपए ही खर्च हुए हैं,जबकि 2.50 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। संबंधित बीडीओ से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।