-भुवनेश चुघ
अनूपगढ़ (श्रीगंगानगर). ग्रीष्मावकाश में मौज मस्ती के साथ विद्यार्थियों को हॉबी के अनुसार कुछ नया सिखाने के लिए स्वामी विवेकानंद विद्यालय हमेशा पहल करता आया है,इस वर्ष भी मॉडल स्कूल के विद्यार्थी गर्मी की छुट्टियों में नवाचार कर रहे हैं। इस बार गर्मी की छुट्टियों में स्कूल के विद्यार्थी डांस,पेंङ्क्षटग,योगा,खेल इत्यादि के साथ-साथ एक नई भाषा भी सीखेंगें। विद्यालय में अंग्रेजी,हिन्दी संस्कृत व पंजाबी नियमित रूप से पढ़ाई जाती है। इसके अतिरिक्त गर्मी की छुट्टियों में नवाचार के रूप में विद्यार्थी तेलुगु भाषा सीखेंगें। रविवार को तेलुगु भाषा का पहला कालांश लगाया गया। विद्यार्थियों को तेलुगु सिखाने के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र निर्वाण ने हैदाराबाद की एक छात्रा रिया जोया को प्रेरित किया।
प्रधानाचार्य की प्रेरणा से प्रेरित होकर उन्होंनें मॉडल स्कूल के 20 विद्यार्थियों को तेलुगु सिखाने के लिए कक्षा शुरू कर दी जो 23 जून तक चलेंगी। प्रधानाचार्य निर्वाण ने बताया कि आगामी दिनों में पहले दिन की अपेक्षा विद्यार्थी बढ़ेगें। उन्होंने अपील की है कि किसी विद्यालय की छात्र-छात्राएं यदि तेलुगु भाषा का ज्ञान लेना चाहे तो मॉडल स्कूल में आ सकते हैं।
पहले दिन विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
हॉबी क्लासेज में तेलगू भाषा सीखने के पहले ही दिन विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ कालांश में भाग लिया। कालांश में रिया ने जहां एक तरफ तेलुगु भाषा के बारे में जानकारी दी वहीं धारा प्रवाह अंग्रेजी बोलने की कला भी सीखाई। शुरुआती स्तर में उन्होंने विद्यार्थियों को स्वर,व्यजंन,वर्ण माला एवं अक्षर ज्ञान की जानकारी दी। उन्होंनें अ से ज्ञ को तेलुगु में कैसे लिखा जाता है,विस्तार से बताया। उन्होंने अक्षरों को जोड़ कर शब्द बनाकर तेलुगु भाषा में विद्यार्थियों को अपना नाम लिखना,फलों के नाम सहित अन्य शब्द लिखना सिखाए। वहीं लिखने के साथ तेलुगु भाषा में बोलकर अपना परिचय देना सीखाया। उन्होंनें भाषा ज्ञान देते हुए कहा कि इन 30 दिन में अगर मन से सीखेंगें तो तेलुगु बोलने एवं लिखने में निपुण हो जाएंगें। इसके अलावा अंग्रेजी भाषा में भी उच्चारण पर विशेष फोकस कर नए शब्द सिखाएं जाएंगे।
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महज दसवीं की छात्रा है रिया
मॉडल स्कूल में बच्चों को तेलुगु सीखा रही रिया जोया महज दसवीं कक्षा की छात्रा है,जोया धारा प्रवाह ङ्क्षहदी,अंग्रेजी व तेलुगु भाषा बोल सकती है। पहले ही दिन उन्होंने ली गई कालांश में एक अच्छे शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को सिखाया। जिससे पहले ही दिन बच्चों ने तेलुगु में अपना परिचय दिया। रिया ने बताया कि हैदराबाद और राजस्थान की पढ़ाई में अंतर है,वहां कक्षा 8 से ही बच्चों को आईआईटी,नीट,जेइइ की फाउंडेशन परीक्षाओं को पास करने के लिए तैयारी शुरू करवा दी जाती है,जिससे कक्षा 12के साथ ही विद्यार्थियों का सेलेक्शन हो जाता है। कक्षा 8 से ही फिजिक्स बायो मैथ की लैब के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती हैं।
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ज्ञान को अर्जित कहीं से भी कर लेना चाहिए,सीखा हुआ कभी व्यर्थ नहीं जाता,तेलुगु भाषा सीख कर यदि पढ़ाई या अन्य किसी कार्य के चलते साउथ जाएंगें तो उन्हें सुविधा होंगी। रिया से हैदराबाद की शिक्षा प्रणाली की जानकारी ली,इसी आधार पर आने वाले समय में मॉडल स्कूल में भी पढ़ाई करवाने के लिए पहले से ही विचार किया जा रहा था। विद्यार्थियों नीट व आइआइटी की तैयारी के लिए नौंवी कक्षा से करवाने के लिए भामाशाहों सहयोग से डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की योजना भी बनाई जा रही है। इससे बच्चे घर रहकर लाइव क्लासेज के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे।
सुभाष चंद्र निर्वाण, प्रधानाचार्य, स्वामी विवेकानंद, राजकीय मॉडल स्कूल, अनूपगढ़