
सरसों के भाव में उछाल, 5549 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी
सरसों के भाव में उछाल, 5549 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी
-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित राज्य में इस बार 35 लाख टन सरसों का उत्पादन
-सरसों के तेल में भी आई तेजी, इस कारण सरसों के भाव भी अच्छे
श्रीगंगानगर. श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित राज्य में इस बार 35 लाख टन सरसों का उत्पादन हो रहा है। इस बार सरसों का उत्पादन अच्छा है और किसान को पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सरसों के अच्छे भाव मिलेंगे। रबी सीजन में मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। श्रीगंगानगर की नई धानमंडी में सोमवार को सरसों की 4346 क्विंटल आवक हुई और उच्चतम भाव 5549 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। सरसों में तेजी बनी हुई और ऑयल मिल से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि सरसों के भावों में आने वाले दिनों में तेजी आने की संभावना है। इस कारण इस बार राजफैड को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों नहीं मिली पाएंगी। बाजार में सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4560 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि बाजार में 5549 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही है। कोरोना की वजह से सरसों के तेज में भी तेजी आई है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, टौंक, निवाई, बारां, सुमेरपुर, जोधपुर सहित कई अन्य जिलों में सरसों का उत्पादन 35 लाख टन हो रहा है।
तेल में भी आई तेजी
बाजार में सरसों का तेल भी काफी महंगा बिक रहा है। पिछले दो-तीन माह से सरसों के तेल में 50 रुपए प्रति लीटर से अधिक की तेजी आई है। कांडा ऑयल मिल के अनुसार 125 रुपए लीटर सरसों का तेल का मूल्य चल रहा है। जबकि बाजार में 150 रुपए लीटर तक सरसों का तेल बिक रहा है। दीपक कांड़ा ने बताया कि सरसों में तेजी का मुख्य कारण विदेशी व्यापार है। जबकि भारत में ऑयल की खपत प्रति वर्ष 235 लाख टन तक हो रहा है। 65 से 75 प्रतिशत ऑयल विदेश से ब्राजील, मलेशिया, इंडो व यूके से निर्यात होता है। विदेशों में सोयाबिन, पॉम व सनफ्लावर का उत्पादन कम हुआ है। इस कारण ऑयल काफी महंगा हो गया। तेलों में किसानों को लाभ देने के लिए आयात शुल्क 40 प्रतिशत तक कर दी गई। इससे सरसों को भारी समर्थन मिला है। इस कारण तेल में तेजी आई है। जबकि अन्य तेल की तुलना में सरसों के तेल का रेट कम है। सोयाबिन सहित अन्य तेल की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है।
4346 क्विंटल सरसों की आवक
नई धानमंडी के व्यापारी हनुमान गोयल ने बताया कि श्रीगंगानगर की नई धानमंडी में सोमवार को 4346 क्विंटल सरसों की आवक हुई। सरसों का उच्चतम भाव 5549 और औसत भाव 5351 रुपए प्रति क्विंटल रहा। जबकि न्यूनतम भाव 5100 रुपए प्रति क्विंटल है। सरसों का एमएसपी 4650 रुपए प्रति क्विंटल है। कृषि अनुसंधान अधिकारी शष्य मिलिंद सिंह ने बताया कि इस सीजन में सरसों की का उत्पादन व उत्पादकता अच्छी है और किसान को भाव भी अच्छा मिलने की उम्मीद है।
अभी रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं
राजफैड ने श्रीगंगानगर-हनुमानढ़ जिले में सरसों व चना की एमएसपी पर खरीद करने के लिए 64 खरीद केंद्र बनाए हैं तथा सरसों की एमएसपी पर 1 अप्रेल से खरीद करने की बात कहीं है और 25 मार्च से सरसों का पंजीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
फैक्ट फाइल
श्रीगंगानगर जिले का गणित
-सरसों की बुवाई-2,37,722 हेक्टेयर
-सरसों का उत्पादन-4,29,303 मीट्रिक टन
-सरसों का उत्पादन-1800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
-सरसों का भाव-5100 सौ से 5549 रुपए प्रति क्विंटल
-सरसों का औसत भाव-5351 रुपए प्रति क्विंटल
-सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य-4650 रुपए प्रति क्विंटल
-राज्य में सरसों का उत्पादन-35 लाख टन
-भारत में सरसों का उत्पादन-90 लाख टन
इस बार राज्य में 35 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ है और किसानों को इस बार सरसों के भाव अच्छे मिल रहे हैं। बाजार में सरसों 5500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही है। इस बार उम्मीद है कि सरसों में तेजी आने की संभावना है।
दीपक कांडा,कांडा आयॅल मिल,श्रीगंगानगर।
Published on:
23 Mar 2021 09:03 am
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