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नीलगाय का गोली मारकर शिकार, ग्रामीणों में फिर भडक़ा आक्रोश

चक 9 डीबीएन में चिंकारा शिकार का मामला शांत होने के 24 घंटों के भीतर ही निकटवर्ती ग्राम पंचायत हरदासवाली में सूरतगढ़ वन विभाग रेंज के अधीन अनूपगढ़ शाखा नहर की 60 आरडी पर भरतपुरा माइनर के किनारे गुरुवार शाम दो शिकारियों ने गोली मारकर नीलगाय की हत्या कर दी।

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Nilgai shot and killed, anger flares up again among villagers

बीरमाना. शिकारियों की गोली से मृत नीलगाय व मौके पर मौजूद ग्रामीण और वन्यजीव प्रेमी।

बीरमाना (श्रीगंगानगर). चक 9 डीबीएन में चिंकारा शिकार का मामला शांत होने के 24 घंटों के भीतर ही निकटवर्ती ग्राम पंचायत हरदासवाली में सूरतगढ़ वन विभाग रेंज के अधीन अनूपगढ़ शाखा नहर की 60 आरडी पर भरतपुरा माइनर के किनारे गुरुवार शाम दो शिकारियों ने गोली मारकर नीलगाय की हत्या कर दी। जिससे वन्यजीव प्रेमियों में एकबार फिर रोष भडक़ गया है।
शिकारी नीलगाय के गोली मारकर मौके से फरार हो गए। नीलगाय की मौत की सूचना मिलने पर बीरमाना, हरदासवाली सहित आसपास के सैंकड़ो वन्यजीव रक्षकों व ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वहीं ग्रामीणों ने नीलगाय शिकार की सूचना वन विभाग के डीएफओ, पुलिस व प्रशासन को दी। जिसके बाद मौके पर वन विभाग बिरधावाल रेंजर संदीप लोयल व राजियासर पुलिस के सीआई सतीश कुमार यादव मय जाब्ता पहूंचे और मौका मुआयना किया। जिसके बाद पुलिस की टीमें शिकारियों की धरपकड़ के लिए रवाना हो गई। वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने शिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक नीलगाय का शव उठवाने से इंकार कर दिया। इस अवसर पर सुखवीर बिश्नोई, मैनपाल, पूर्ण नाथ, राधेश्याम घोड़ेला, पवन कुमार, महावीर, भवानी शंकर आदि मौजूद थे। उधर नीलगाय के शिकार की सूचना मिलने पर सूरतगढ़ डीएसपी प्रतीक मील भी मौके पर पहुंचे, जबकि डीएफओ के भी आने की सूचना थी। लगातार वन्यजीवों के शिकार से वन्यजीव प्रेमियों में रोष है।

शिकारियों की गिरफ्तारी पर ही पोस्टमार्टम को लेकर अड़े ग्रामीण

नीलगाय के शिकार की सूचना मिलने पर रात्रि दस बजे आसपास के गांवों से सैंकड़ों ग्रामीण व वन्यजीव प्रेमी एकत्रित हो गए। वहीं सूचना मिलने पर अखिल भारतीय बिश्नोई युवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अमित कड़वासरा भी बिश्नोई समाज के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और नीलगाय के शिकार पर रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने कहा कि गुरुवार शाम सात बजे हुई घटना के बाद रात्रि दस बजे तक शिकारियों को नहीं पकड़ा गया। जबकि प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस व वन विभाग को शिकारियों के नाम भी बता दिए थे। ग्रामीणों ने प्रशासन व पुलिस को शिकारियों की गिरफ्तारी के लिए रात्रि बारह बजे तक समय देते हुए वन विभाग की टीम को नीलगाय के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं उठाने दिया। हालांकि डीएसपी प्रतीक मील ने ग्रामीणों से समझाइश की लेकिन वे माने नहीं। देर रात्रि तक घटना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। वहीं देर रात्रि मौके पर भारी संख्या में सूरतगढ़ सिटी, सदर व राजियासर थानों का पुलिस बल मौजूद रहा।

रात 12 बजे तक शिकारियों की तलाश में जुटी रही पुलिस

नीलगाय शिकार मामले में रात 12 बजे तक वन्य जीव पर्यावरण प्रेमी घटनास्थल पर जुटे रहे। दूसरी तरफ राजियासर पुलिस के सीआई सतीश कुमार यादव जाब्ते के साथ आस-पास के खेतों व गांवों में अलग-अलग जगह शिकारियों की तलाश में जुटे हुए थे। सीआई ने बताया अभी तक कोई शिकारी पकड़ में नहीं आया है। धरना लगाकर बैठे ग्रामीण व पर्यावरण प्रेमियों का कहना है जब तक शिकारियों पकड़ा नहीं जाएगा। तब तक वे मौके से हटेंगे। उनमें वन विभाग के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है।